पंजाब की कमान संभालने के बाद सीएम भगवंत मान का बढ़ा राजनीतिक कद
नशे की लत की वजह से भगवंत मान की छवि काफी धूमिल हुई थी लेकिन जिस तरह से उन्हें पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया है उसके बाद पिछले एक साल में उनकी छवि पूरी तरह से बदल गई है। प्रदेश सरकार की कमान संभालने के बाद सीएम मान में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
पहले मान को सिर्फ एक कॉमेडियन के तौर पर जाना जाता था, जोकि लोगों की भीड़ खींचने का काम करते थे। उन्हें शीर्ष नेतृत्व की हां में हां मिलाने वाला माना जात था। लेकिन उन्होंने अपनी छवि को पूरी तरह से बदला है। उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय प्रचार की जिम्मेदारी दी और वह स्टार प्रचारक के तौर पर उभरे और अरविंद केजरीवाल के करीबी के तौर पर सामने आए।

भगवंत मान पर यह आरोप भी लगा कि वह रिमोट कंट्रोल से चलने वाले सीएम हैं, लेकिन उन्होंने इस छवि को भी बदलने का काम किया। उन्होंने खुले तौर पर विपक्ष को चुनौती दी कि वह टीवी की लाइव डिबेट में मेरे साथ बहस करें मेरे साथ बहस करें। उन्होंने यहां तक कहा कि आप तमाम कागज लेकर आइए, लेकिन मैं बिना किसी कागज के ही आपको जवाब दूंगा।
आप के एक नेता ने बताया कि पंजाब में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे का दिल्ली की ओर से ऐलान कर दिया गया था लेकिन पंजाब सरकार इससे सहमत नहीं थी, जिसके बाद पंजाब सरकार ने इसका सार्वजनिक तौर पर जिक्र भी किया। हम भविष्य को लेकर अभी कुछ नहीं कह सकते हैं लेकिन पंजाब में आप सरकार का कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है।
मध्य प्रदेश में चुनावी रैली के दौरान केजरीवाल और भगवंत मान दोनों ने चुनावी रैलियों को संबोधित किया। केजरीवाल की मौजूदगी में भी इस महीने मान ने मध्य प्रदेश में रैली की और अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनायाा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भगवंत मान के लिए यह मौका है कि वह अपने राजनीतिक कद को और ऊंचा कर सके।












Click it and Unblock the Notifications