पंजाब: भगवंत मान ने गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गीतों पर लगाया प्रतिबंध, हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश में बंदूक संस्कृति (gun culture) और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गीतों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी सरकार ने हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश में बंदूक संस्कृति (gun culture) और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गीतों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी सरकार ने हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है और राज्य में सभी मौजूदा हथियारों के लाइसेंस की समीक्षा करने का आदेश दिया है। इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश राज्य सरकार के गृह विभाग ने रविवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पुलिस आयुक्तों, उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को जारी किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के बाद गन कल्चर पर रोक में नए हथियार लाइसेंस जारी करने के लिए प्रक्रियाओं को कड़ा करना और बंदूकों के अवैध कब्जे को रोकने के लिए रेंडम जांच शामिल है। राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष पार्टी कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। एक सप्ताह में अमृतसर में शिवसेना (टकसाली) के नेता सुधीर सूरी और फरीदकोट में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी प्रदीप सिंह की बैक-टू-बैक हत्याओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
हथियारों का दिखावा करने पर प्रतिबंध
गृह विभाग के निर्देशानुसार बन्दूक और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों पर सख्ती से रोक लगाई जाए और सार्वजनिक कार्यक्रमों, सामाजिक समारोहों, विवाह समारोहों और धार्मिक स्थलों पर हथियार ले जाने और प्रदर्शित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया समेत हथियारों का दिखावा करने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए।
चार लाख लाइसेंस धारक
विभाग ने अगले तीन महीने के भीतर सभी शस्त्र लाइसेंसों की गहन समीक्षा के साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी शस्त्र लाइसेंस किसी गलत व्यक्ति को जारी किया गया पाया जाता है, तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए। सरकारी आदेश में कहा गया है कि जब तक जिला मजिस्ट्रेट (डिप्टी कमिश्नर) संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक कोई नया शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। 1980 और 1990 के दशक में आतंकवाद से प्रभावित पंजाब में लगभग चार लाख हथियार लाइसेंस धारक हैं।
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