पंजाब: मनीषा गुलाटी BJP में शामिल, चन्नी पर लगा चुकीं हैं 'Mee Too' का आरोप,कितना पहुंचाएंगी पार्टी को फ़ायदा ?

पंजाब में मतदान के दिन जैसे-जैसे क़रीब आ रहे हैं, कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं।

चंडीगढ़, 16 फरवरी 2022। पंजाब में मतदान के दिन जैसे-जैसे क़रीब आ रहे हैं, कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अब पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। भाजपा में शामिल होते ही मनीषा गुलाटी ने पंजाब कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और गम्भीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि 111 दिनों के कार्यकाल में सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मुझे टारगेट किया। कममिशन में सबसे ज्यादा सियासी दखल अंदाज़ी करते हुए मुझे काम करने नहीं दिया गया। ग़ौरतलब है कि उन्होंने कहा कि जब वह पार्टी छोड़कर जा रही थी तो यह कह कर उन्हें रोकने की कोशिश की गई की मनीषा गुलाटी को रोक लो नहीं तो हिंदू वोट बैंक ख़राब हो जाएगा।

चरणजीत सिंह चन्नी पर गंभीर आरोप

चरणजीत सिंह चन्नी पर गंभीर आरोप

मनीषा गुलाटी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की अध्यक्ष मोना जायसवाल की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुईं। आपको बता दें कि मनीषा गुलाटी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की काफी क़रीबी मानी जाती हैं। भाजपा में शामिल होते ही मनीषा गुलाटी ने चरणजीत सिंह चन्नी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह सीएम थे तब चरणजीत सिंह चन्नी पर सीता नाम की महिला ने 'मी टू' का आरोप लगाया था। जब इस मामले मैंने संज्ञान लिया तो मुझे आज तक नहीं मिला। चन्नी के मुख्यमंत्री बनते ही सबस पहले मेरे दफ़्तर में कॉल कर के पूछा गया कि मैडम का कार्यकाल कितना बचा है। मनीषा गुलाटी ने कहा कि जब मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिख कर कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मुझे हैरास कर रहे हैं तो मुझे कोई भी जवाब नहीं मिला। वहीं मुझे कहा गया कि चुनाव तक अपने विज़िट कम कर दो।

कांग्रेस आलाकमान पर भी साधा निशाना

कांग्रेस आलाकमान पर भी साधा निशाना

मनीषा गुलाटी ने भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस पर ज़ोरदार हमला बोला, उन्होंने कहा कि नारी हूं लड़ सकती हूं का कांग्रेस का नारा सिर्फ स्लोगन तक ही है। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी का यह नारा देश के लिए नहीं असल मायने में अपने स्वार्थ के लिए है। उन्होंने का कि पंजाब की कांग्रेस सरकार में महिलाओं को इंसाफ दिलाते हुए खुद ही पीड़िता बन गई। चन्नी सरकार के 111 दिनों के कार्यकाल में मुझे सिर्फ़ प्रताड़ना ही मिली है। चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनते ही मुझे सियासी दबाव से गुज़रना पड़ा। यहां तक की कमीशन स्टाफ और सिक्योरिटी भी हटा ली गई, इसके साथ ही बजट भी वापस ले लिया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के आगे इंसाफ़ के लिए गिड़गिड़ाई लेकिन कांग्रेस सरकार के दबाव में किसी ने भी मुझे इंसाफ़ नहीमं दिलाया। कांग्रेस आलाकमान की तरफ़ भी मुझे कोई मदद नहीं की गई।

भाजपा को मिल सकता है फ़ायदा

भाजपा को मिल सकता है फ़ायदा

मनीषा गुलाटी के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को कितना नुकसान होगा और भारतीय जनता पार्टी को कितना फ़ायदा पहुंचेगा। इस मामले सियासी जानकारों का कहना है कि मतदान से ठीक पहले मनीषा गुलाटी के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है। क्योंकि मनीषा गुलाटी पंजाब कांग्रेस सरकार के समय महिला आयोग की चेयरपर्सन की चेयरमैन रह चुकीं हैं। वह महिलाओं का नेतृत्व करती आ रही हैं, जो महिला मतदाता मनीषा गुलाटी के समर्थन में थीं। वह कांग्रेस से किनारा कर भाजपा को समर्थन दे सकती हैं। क्योंकि महिला मतदाताओं में कांग्रेस द्वारा किए टिकट बंटवारे से भी नाराज़गी है।


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