Punjab Election Special: सुजानपुर विधानसभा का इतिहास, क्या भाजपा बचा पाएगी अपना गढ़ ?
पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होना है और चुनाव के नतीजे 10 मार्च को चुनाव के नतीजे घोषित होने वाले हैं।
चंडीगढ़, 05 फरवरी 2022। पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होना है और चुनाव के नतीजे 10 मार्च को चुनाव के नतीजे घोषित होने वाले हैं। आज हम आपको सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सियासी इतिहास और समीकऱण के बारे में बताने जा रहे हैं। सुजानपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने नरेश पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से दिनेश कुमार बब्बू चुनावी मैदान में उतरे हैं। शिरोमणि अकाली दल ने राजकुमार गुप्ता को यहां (सुजानपुर सीट) से टिकट दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी की टिकट पर अमित सिंह मंटो चुनाव लड़ रहे हैं। सुजानपुर विधानसभा पठानकोट की महत्वपूर्ण सीट है।

भाजपा का रहा है इस सीट पर क़ब्ज़ा
2007 के विधानसभा चुनाव के बाद से अभी तक सुजानपुर विधानसभा सीट पर भाजपा का क़ब्ज़ा है। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 1 लाख 64 हज़ार 979 मतदाता हैं। जिसमें पुरुष मतादाताओं की तादाद 87 हज़ार 679 और 77 हज़ार 297 महिला मतदाताओं की तादाद है, यहां लगभग 2 लाख लोगों की आबादी बसती है। 2007 के विधानसभा चुनाव में पहली बार सुजानपुर सीट से भाजपा की टिकट पर दिनेश सिंह बब्बू विधायक बने थे। दिनेश सिंह बब्बू लगातार तीन बार से सुजानपुर से जीत दर्ज करते हुए आ रहे हैं। सुजानपुर विधानसभा सीट की सियासी इतिहास की बात की जाए तो यह विधानसभा क्षेत्र पंजाब के पठानकोट जिले में शामिल है। वहीं यह विधानसभा सीट हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में है।

मूलभूत सुविधाओं की है कमी
हमीरपुर के सांसद भारतीट जनता पार्टी के नेता अनुराग ठाकुर हैं। इसके साथ ही वह केंद्र की भाजपा सरकार में मंत्री भी हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में अनुराग ठाकुर कांग्रेस के राम लाल ठाकुर को हराकर सांसद बने थे। सुजानपुर विधानसभा का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र में हिमाचल के साथ लगता है। यहां अभी भी मूलभूत सुविधाओं से की कमी है। सुजानपुर विधानसभा के एक तरफ हिमाचल तो दूसरी तरफ जम्मू और कश्मीर की सीमा है। रणजीत सागर डैम सुजानपुर में ही बना हुआ है, यह भारत के सबसे मशहूर बांधों में से एक है। सुजानपुर में प्रसिद्ध मुक्तेश्वर शिवधाम मंदिर (प्राचीन पांडव गुफा) भी है। इतिहासकार बताते हैं कि पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण किया था, इसे छोटा हरिद्वार भी कहा जाता है।

भाजपा को हो सकता है नुकसान
विधानसभा चुनाव में साल 2007 से अभी तक सुजानपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा है। 2007 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के दिनेश सिंह बब्बू ने यहां से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार रघुनाथ सहाय पुरी को सिर्फ़ 328 वोटों से हराया था। वहीं 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिनेश सिंह बब्बू ने दोबार से जीत दर्ज की थी। इस सीट से उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार नरेश पुरी को 23 हज़ार 096 वोटों से हराया था। 2017 विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो भारतीय जनता पार्टी दिनेश सिंह बब्बू ने हैट्रिक लगाते हुए 3 बार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के अमित सिंह को 18 हज़ार 701 वोटों से हराया था। सियासी जानकारों की मानें तो इस बार शिरोमणि अकाली दल की वजह से भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंच सकता है। क्योंकि पिछली बार शिअद-भाजपा गठबंधन में चुनाव लड़ रही थी। इस बार दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।
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