Punjab Election Special: गुरदासपुर का चुनावी इतिहास, कैसा रहा है यहां का सियासी समीकरण ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गुरदासपुर विधानसभा सीट प्रदेश की अहम विधानसभा सीटों में से एक मानी जाती है।
चंडीगढ़, 7 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गुरदासपुर विधानसभा सीट प्रदेश की अहम विधानसभा सीटों में से एक मानी जाती है। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव में इस सीट पर विभिन्न दलों का क़ब्ज़ा रहा है, लेकिन गुरदासपुर संसदीय सीट भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। आज हम आपको गुरदासपुर के सियासी समीकरण और यहां के इतिहास के बारे में बताएंगे। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गुरदासपुर विधानसभा सीट के कांग्रेस ने बरिंदरजीत सिंह पहरा को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने सियासी रण में रमन बहल को उतारा है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल ने गुरबचन सिंह बब्बेहाली को उम्मीदवार घोषित किया है। भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर परमिंदर सिंह गिल चुनावी रण में क़िस्मत आज़मा रहे हैं।

गुरदासपुर विधानसभा सीट का इतिहास
गुरदासपुर विधानसभा सीट के इतिहास और सियासी समीकरण की बात की जाए तो यह सीट पंजाब के गुरदासपुर जिले में आती है। 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मतदाताओं की तादाद 1 लाख 55 हज़ार 277 थी जिसमें 1 लाख 16 हज़ार 797 मतदाताओं ने मतदान किया था। इस बार के विधानसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की तादाद 1 लाख 68 हज़ार 295 है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने 67 हजार 709 वोटों से जीत दर्ज की थी। गुरदासपुर सांसदीय क्षेत्र, विधानसभा और ज़िला तीनों तरह से पंजाब की सियासत में अपनी छवि बनाए हुए है।

2002 में कांग्रेस ने दर्ज की थी जीत
गुरदासपुर विधानसभा सीट से 2002 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस के उम्मीदवार खुशहाल भाल ने 35 हज़ार 442 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार मुनव्वर मसीह 23 हज़ार 731 मतों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं 2007 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के गुरबचन सिंह ने 51 हज़ार 446 वोटों से जीत दर्ज की थी। उस दौरान कांग्रेस के उम्मीदवार प्रीतम सिंह भिंडर 47 हज़ार 109 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।। 2012 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो फिर से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार गुरबचन सिंह बब्बेहाली ने 59 हज़ार 905 मतों के साथ जीत हासिल की थी। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी को 28 हज़ार 956 मतों हराया था और कांग्रेस की झोली में इस सीट को डाल दिया।

लोकसभा चुनाव के परिणाम
गुरदासपुर सीट के संसदीय इतिहास की बात की जाए तो 1951 में यह सीट कांग्रेस के तेजा सिंह के हाथ में थी। वहीं 1957, 1962 और 1967 में कांग्रेस के दीवान चंद ने यहां परचम लहराया। 1970 के उप-चुनाव में एनसीजे के उम्मीदवार पी. चंद्रा ने जीत दर्ज की। वहीं 1971 को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रबोध सिंह चंद्रा ने इस सीट को कांग्रेस के झोली में डाला। 1977 के चुनाव में बीएलडी के यज्ञ दत्त ने कांग्रेस के खाते से इस सीट पर अपना क़ब्ज़ा जना लिया। इसके बाद फिर 1980, 1984, 1989, 1991 और 1996 में यह सीट कांग्रेस के खाते में खबंस कौर भिंडर ने डाली। 1998,1999 और 2004 के चुनाव में भाजपा के विनोद खन्ना इस सीट पर क़ब्ज़ा किया। 2009 में कांग्रेस के उम्मीद प्रताप सिंह ने इस सीट को वापस कांग्रेस की झोली में डाला। यहां 2014 के चुनाव में बॉलीवुड अभिनेता भाजपा प्रत्याशी विनोद खन्ना ने जीत दर्ज की। सांसद विनोद खन्ना के निधन के बाद 2017 में उप-चुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने जीत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव में बॉलीवुड अभिनेता सन्नीं देओल ने भाजपा की टिकट पर जीत हासिल की।
ये भी पढ़ें: पंजाब: गुरमीत राम रहीम को चुनाव से ठीक पहले मिला 21 दिन का फ़रलो, निकाले जा रहे सियासी मायने












Click it and Unblock the Notifications