पुणे हादसा : भूस्खलन अब तक निगल गया 65 को

विद्यार्थियों की मौत !
यह जानकारी भी सामने आई है कि गांव में स्थित एक मंदिर परिसर में एक प्लेटफार्म पर सोए दो दर्जन से अधिक लोग, जिनमें ज्यादातर एक स्कूल के विद्यार्थी थे। संभवत: इस आपदा में मारे गए हैं। स्कूल के शोक संतप्त शिक्षकों ने मीडिया से कहा कि उनमें से अधिकांश या तो पास से बह रही नदी में बह गए या मंदिर के साथ वहीं दफन हो गए।
नदी अभी भी उफान पर
एनडीआरएफ की एक टीम ने लोगों की तलाश के लिए नदी के किनारे अभियान शुरू किया है। यह नदी लगातार हो रही बारिश की वजह से उफान पर है। राहत एवं बचाव टीम सभी बाधाओं को पार करते हुए करीब 130 लोगों की तलाश में जुटी हुई है। जिनके मलबे में दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ अधिकारियों ने कहा कि अब और जीवित लोगों का मिलने की संभावना न के बराबर है। क्योंकि उनकी मशीनों को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। बचाव कार्य रविवार को भी जारी रहेगा।
मृतकों के परिवार को मुआवजे की घोषणा
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपए, सभी घायलों को मुफ्त चिकित्सा और जीवित बचे लोगों को पूर्ण पुनर्वास मुहैया कराया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने गुरुवार को मालिण का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यो का जायजा लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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