बाइडेन का आदेश: कोविड-19 की उत्पत्ति की जांच होगी
27 मई, वाशिंगटन। राष्ट्रपति बाइडेन ने बुधवार को खुफिया एजेंसियों से कहा कि वे कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच को लेकर कोशिशें तेज करें. उन्होंने एजेंसियों से वायरस की उत्पत्ति की गहराइयों से जांच करने को कहा है. एक बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया समुदाय के अधिकांश लोग दो संभावित परिदृश्यों के आसपास "जुड़े" हुए थे: कि वायरस एक संक्रमित जानवर के संपर्क के माध्यम से इंसानों तक फैला या यह एक प्रयोगशाला में हुई दुर्घटना से लीक हुआ. बाइडेन ने कहा एक बात के दूसरी की तुलना में सही होने का आकलन करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है.

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उन्होंने कहा कि 18 में से दो खुफिया एजेंसियां जानवर से जुड़ी कड़ी की तरफ झुकती हैं और एक प्रयोगशाला वाली संभावना की ओर इशारा करती है, "प्रत्येक कम या मध्यम आत्मविश्वास के साथ." बाइडेन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को जांच में मदद करनी चाहिए और चीन से अंतरराष्ट्रीय जांच में सहयोग करने का आह्वान किया. उन्होंने 90 दिनों के भीतर जांच नतीजों की उम्मीद जताई है.
चीन को घेरने की कोशिश!
बाइडेन ने कहा, "अमेरिका दुनिया भर में समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ काम करता रहेगा ताकि चीन पर पारदर्शी, सबूत आधारित अंतरराष्ट्रीय जांच में शामिल होने और सभी प्रासंगिक डेटा और साक्ष्य तक पहुंच देने के लिए दबाव डाला जा सके." अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने लैब से लीक होने की थ्योरी के बारे में गंभीर संदेह जताया है. व्हाइट हाउस के प्रमुख मेडिकल सलाहकार डॉ. एंथनी फाउची ने बुधवार को कहा कि उनका और अन्य वैज्ञानिकों का मानना है कि "सबसे अधिक संभावना यह है कि वायरस का फैलना एक प्राकृतिक घटना थी, लेकिन निश्चित रूप से सौ फीसदी कोई नहीं जानता है."
सेनेट में सुनवाई के दौरान फाउची ने कहा, "चूंकि बहुत चिंता है, बहुत सारी अटकलें हैं और किसी को सटीक जानकारी नहीं है, मुझे लगता है कि हमें इस तरह की जांच के लिए पारदर्शिता की जरूरत होती है." वायरस पर बाइडेन के वरिष्ठ सलाहकार एंडी स्लाविट ने मंगलवार को कहा था, "हमें चीन से एक पारदर्शी प्रक्रिया की जरूरत है. हमें इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद की भी आवश्यकता है. हमें नहीं लगता कि हमारे पास इस समय ऐसा कुछ है." जांच के लिए राष्ट्रपति बाइडेन का आदेश ऐसे समय में आया है जब कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि महामारी की शुरुआत के एक महीने पहले वुहान की प्रयोगशाला में काम करने वाले कुछ शोधकर्ता बीमार पड़ गए थे.
चीन ने "लैब लीक" की तीखी आलोचना की
बाइडेन की टिप्पणी के तुरंत बाद, अमेरिका में चीनी राजदूत ने एक बयान जारी कर लैब लीक सिद्धांत को "षड्यंत्र सिद्धांत" बताया. बयान में अमेरिका का नाम नहीं लिया गया, लेकिन कहा गया कि "कुछ राजनीतिक ताकतें वायरस के स्रोत और उसके शुरुआत को दोष देने का खेल खेल रही हैं. वे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही हैं." चीन का कहना है कि वायरस की उत्पत्ति का राजनीतिकरण करने से इससे निपटने की वैश्विक कोशिशें खतरे में पड़ सकती हैं और वह इस मामले की व्यापक जांच में पहले ही सहयोग कर चुका है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस साल की शुरुआत में वायरस की उत्पत्ति की जांच शुरू की थी और एक जांच दल को वुहान भेजा गया था. लेकिन दल जानवर के स्रोत को निर्धारित नहीं कर सका. ऐसी चिंताएं थीं कि चीन जांच में उतना सहयोग नहीं कर रहा था जितना कि वह कर सकता था. लेकिन डब्ल्यूएचओ की टीम ने जांच के बाद निर्धारित किया कि लैब से वायरस का प्रसार "बेहद नामुमकिन" है.
Source: DW












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