सख्त 'यादव' को मुलायम करने के प्रयास में लालू-शरद
पटना/नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव इस वक्त राजनीतिक पैमाने पर थोड़े सख्त हो गये हैं। इस सख्त यादव को फिर से मुलायम बनाने के प्रयास कर रहे हैं शरद यादव और लालू प्रसाद यादव। जी हां हाल ही में पटना के गांधी मैदान में हुई महा गठबंधन की रैली में मुलायम का नहीं आना जदयू और राजद दोनों पर भारी पड़ता दिख रहा है।
असल में सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार में जबर्दस्त खींचतान चल रही है। ऐसे में सपा ने भाजपा के विरुद्ध तैयार किये गये महागठबंधन से जुड़ने वाले मुलायम तब खिन्न हो गये, जब कुछ सीटों का बंटवारा उनकी बिना रजामंदी के कर दिया गया। महागठबंधन के बनते ही इतनी बड़ी फूट को पाटने के लिये शरद यादव और लालू यादव मुलायम से मिले।
महागठबंधन से जुड़ी मुख्य और रोचक बातें जो पैदा करती हैं राजनीतिक उलझनें-
- इस फूट के कारण लालू-मुलायम के पारिवारिक रिश्ते में भी खटास आ सकती है।
- ऐसा लग रहा है कि लालू-नीतीश यहां मुलायम को सिर्फ इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें मात्र 5 सीटें ही दी गईं।
- सपा की प्रेसवार्ता के तुरंत बाद शरद यादव का मुलायम को "भाई" कहना साफ दर्शा रहा है कि शरद इस गठबंधन में जरा भी फूट नहीं चाहते हैं।
- महागठबंधन का नाम जनता परिवार है और इसका मुखिया भी मुलायम सिंह यादव को ही बनाया गया है।
- अगर सपा ने हाथ खींच लिया तो महागठबंधन चुनाव से पहले ही टूट जायेगा, जिसका असर सबसे ज्यादा जदयू पर पड़ेगा।
- जब सपा इस महागठबंधन से जुड़ी थी, तब देश को सीधा संदेश दिया गया था कि ये सब मिलकर भाजपा को हरायेंगे।
लालू से मिलने के बाद शरद यादव ने मीडिया से कहा कि सब कुछ सेटल हो गया है। और मीडिया में जो खबरें फैल रही हैं कि मुलायम मोदी से मिले हुए हैं, वो सब बकवास हैं। ऐसा कुछ नहीं है, उन्होंने यूपी से जुड़े मुद्दों के लिये मोदी से मुलाकात की थी।













Click it and Unblock the Notifications