बिहार में कहां है बहार? पटना में पानी के लिए त्राहिमाम-त्राहिमाम
पटना (मुकुन्द सिंह)। गर्मी आते ही राजधानी पटना के कई इलाकों में जल संकट गहराने लगा है। निचले इलाकों में बसे वार्ड नंबर 54 में करीब 700 फीट जल पूर्ति पाइप लाइन का विस्तार नहीं होने से पानी के लिए त्राहिमाम मचा है। सिर्फ जल संकट ही नहीं गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले भी जाम पड़े हैं। इस वार्ड में सूबे के दूसरे बड़े अस्पताल एन एमसीएचः समेत दर्जनभर सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थान हैं। बावजूद इसके प्रशासन स्तर पर ये इलाका अपेक्षित है।

पीतांबरा कॉलोनी, फर्रुखाबाद कॉलोनी, बेलदारी टोला, गुड की मंडी जैसे घनी आबादी वाले मोहल्ले में पाइप लाइन का विस्तार नहीं होने से करीब 25 हजार लोग पेयजल की के लिए परेशानी झेलते हैं। जबकि वार्ड 53 के आंबेडकर चौक की बोरिंग से बाकी मोहल्ले में जलापूर्ति हो रही है। वार्ड के मोहल्ले में लगे सभी 10 चापाकल भी दम तोड़ चुके हैं। यहां की दूसरी बड़ी समस्या जलजमाव है। बिस्कोमान कॉलोनी के पास पंप हाउस तो बना दिया गया लेकिन जल निकासी के लिए जो नाले हैं वह जाम हैं। नतीजतन नहर के दक्षिण, बजरंग पुरी कॉलोनी, बिस्कोमान कॉलोनी, आदिवासी कॉलोनी आदि मोहल्ले में बरसात में जलजमाव होना आम बात है।
बिहार में कहां है बहार? पटना में पानी के लिए त्राहिमाम-त्राहिमाम
बरसात में इन मोहल्लों के नाले भर कर उपला जाते हैं और पानी सतह से ऊपर उठकर घरों में घुस जाता है। कहने को नाले की उगाही तो हुई, लेकिन उपर-उपर। जब वार्ड की आबादी 40 हजार थी तो यहा नियमित सफाई के लिए 60 सफाई कर्मी 15 हाथ गाड़ी निगम प्रशासन ने दिया था। अब जब अबादी बढी तो सफाई कर्मी घटाकर 37 और जर्जर हाथ गाड़ी की संख्या 5 रह गई। संसाधन की कमी से पूरे इलाके में नियमित सफाई भी बाधित हैं। दो साल पहले लगे सभी स्ट्रीट लाइट खराब हो गए हैं। राजधानी में घनी आबादी वाले लाल जी टोला गली नंबर एक मे करीब एक महीने के बाद भी जल संकट से निजाद नहीं मिली।












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