बिहार: पटना के NIT घाट पर हुआ हादसा, गंगा में पलटी नाव ,21 की मौत
नाव में ज्यादातर बच्चे सवार थे। हादसा एनआईटी घाट पर हुआ है। मकर संक्राति के मौके पर पंतगबाजी के लिए ये लोग एक से दूसरे छोर पर नाव के जरिए जा रहे थे।
पटना। बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी में नाव डूबने से 21 की मौत हो गई है जबकि करीब चालीस के डूबने की खबर है। बताया जा रहा है कि नाव में ज्यादातर बच्चे सवार थे। हादसा एनआईटी घाट पर हुआ है। मकर संक्राति के पर पंतगबाजी के लिए ये लोग एक से दूसरे छोर पर नाव के जरिए जा रहे थे। किनारे पर पहुंचने से कुछ देर पहले ही नाव ओवरलोडिंग की वजह से पलट गई। बताया गया कि हादसे में मतृक के आश्रितों को 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। इस घटना के बाद जनता दल यूनाइटेड ने रविवार (15 जनवरी) को अपने पार्टी दफ्तर पर आयोजित चूड़ा दही के कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया है कि वो रविवार को आयोजित किए जाने उस कार्यक्रम को टाल दें जिसमें दोनों को शामिल होना है। बता दें कि इस कार्यक्रम को रद्द कर भी दिया गया है।

घटना पर भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रेम कुमार ने कहा कि कोई ढ़ंग के इंतजामात नहीं किए गए थे। इस गंभीर घटना के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। वहीं भाजपा नेता और बिहार विधानसभा की PAC के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि प्रशासनिक कमजोरी की वजह से यह दुखद घटना हुई। हादसे के बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार 25 लोग तैर कर खुद ही किनारे पर पहुंच गए। गंगा किनारे दियारा में पतंगोत्सव की वजह से काफी भीड़ थी। पुलिस के सख्ती बरतने पर दियारा गंगा पार कर लौटने को नाव पर क्षमता से ज्यादा लोग सवार हो गए। खबर के मुताबिक घाट पर भीड़ बहुत ज्यादा थी लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इस पर पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठियां भी चलाई जिसने अव्यवस्था को और ज्यादा बढ़ाया। ये भी पढ़े: अनिल विज के बयान पर राहुल गांधी ने ली चुटकी कहा-हिटलर और मुसोलिनी भी पॉपुलर थे












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