बर्बाद हुआ पाकिस्तान, भूख से तड़प रहे हैं लोग, इन बीमारियों के बीच कुत्ते भी बने जान के दुश्मन
इस्लामाबाद, 5 सितंबर: पाकिस्तान सदी की सबसे भयानक तबाही का सामना कर रहा है। वहां के 75% जिले भीषण बाढ़ की चपेट में आए हैं और लाखों लोग अपना घर छोड़कर खुले आसमान के नीचे पनाह लेने को मजबूर हो गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी है, लेकिन उनके पास पीने के लिए पानी भी नहीं है। मजबूरी में दूषित पानी ही पीने को मजबूर हैं, जिससे तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं। ऊपर से कई दिनों से पानी में रहने की वजह से त्वचा से जुड़े रोग होने लगे हैं। सांपों और कुत्तों ने तो टेंशन और बढ़ा रखी है। चारों ओर त्राहिमाम मचा हुआ है।

पाकिस्तान में भूख से तड़प रहे हैं लोग
पाकिस्तान भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ की वजह से बर्बादी की कगार पर खड़ा है। रिकॉर्ड बारिश के बाद आई बाढ़ के चलते लोग भूख-प्यास से तड़प रहे हैं तो अब बीमारियों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। इस समय वहां करीब 6,60,120 लाख लोग भूखों मर रहे हैं या तरह-तरह के रोगों की चपेट में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और भी बिगड़ने वाले हैं। पाकिस्तान के लोगों की बदनसीबी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बाढ़ की वजह से बेघर हुए लोगों को खुले आसमान में रहना पड़ रहा है, क्योंकि वहां की सरकार के पास उनके लिए संसाधनों का अभाव है।

खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
डॉन के मुताबिक पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन-कराची के सेक्रेटरी जनरल अब्दुल गफूर शोरो ने कहा है, 'आपदाग्रस्त इलाकों में इस समय सबसे बड़ी चुनौती है आश्रय का अभाव। आज हमने मीरपुरखान, टांडो मोहम्मद खान और टांडो आदम का दौरा किया है, लेकिन एक भी सरकारी रिलीफ कैंप पर नजर नहीं पड़ी और लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।' उन्होंने बताया, 'लोग खुले आसमान के नीचे तो रह ही रहे हैं, उन्हें मजबूर दूषित पानी पीना पड़ रहा है। उन्हें थोड़ा-बहुत खाना एनजीओ या कुछ अच्छे दिल वाले जमींदारों से मिल जा रहा है।'

इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं लोग
उनके मुताबिक बाढ़ पीड़ित इलाकों में तरह-तरह की बीमारियां फैलने लगी हैं। वो बोले 'स्किन इंफेक्शन आम है। क्योंकि अधिकांश लोग 10 से 15 दिनों से पानी के संपर्क में हैं। उन इलाकों में अब मच्छरों की भरमार हो गई है, लेकिन लोगों के पास ना रहने का ठिकाना है और ना ही मच्छरदानी है।' उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में हालात और भी खराब होने वाले हैं और यहां तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई से सितंबर के बीच त्वचा से जुड़े रोग और डायरिया जैसे रोग काफी बढ़ गए हैं। कुल 1,49,551 लोग डायरिया की चपेट में आए हैं तो 1,42,739 को स्किन इंफेक्शन हो चुका है। डॉन के मुताबिक सिंध में डायरिया और डिसेंट्री के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इनके अलावा हजारों लोगों को सांस से संबंधी और मलेरिया की चपेट में भी आ चुके हैं।

कुत्ते-सांप भी बने जान के दुश्मन
लेकिन, ऊपर जिन बीमारियों की जिक्र की गई है, उनके अलावा पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ित इलाकों में सांप काटने और कुत्ते काटने की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। अबतक 100 से ज्यादा सर्पदंश और 550 से ज्यादा कुत्ते काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सर्प दंश की घटनाएं तो इसलिए बढ़ गई हैं क्योंकि बाढ़ के पानी की वजह से वह बाहर निकल रहे हैं, जबकि कुत्ते के आक्रामक होने की वजह ये हो सकती है कि उन्हें खाने-पीने की चीजों की कमी हो रही है। जब इंसानों पर ही भूखों मरने की नौबत आई हुई है तो फिर कुत्तों का हाल पूछने वाला कौन है? लेकिन, डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक यह असल संख्या नहीं है, क्योंकि कई जगहों से शिकायतें पहुंच ही नहीं पा रही हैं, क्योंकि ना तो सरकार ही वहां तक पहुंच सकी है और ना ही राहत कार्य ही शुरू हो पाया है।

महिलाओं के सामने सबसे बड़ा संकट
अकेले सिंध प्रांत के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब 50 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं और एक हजार से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र तबाह हो चुके हैं। सिंध की स्वास्थ्य मंत्री अजरा पेचुहो ने रविवार को आंकड़े साझा करते हुए बताया कि उनके प्रांत में 47,000 से ज्यादा गर्भवती महिलाएं राहत कैंपों में मौजूद हैं। खासकर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी भी बार-बार चिंता जता रही है। उनके खिलाफ लिंग-आधारित हिंसा का खतरा बढ़ चुका है, क्योंकि 10 लाख से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है।

पाकिस्तान के 75% जिलों में आफत की बाढ़
एक आंकड़े के मुताबिक इस भयानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या अबतक 1,300 से ज्यादा हो चुकी है। जियो न्यूज के मुताबिक नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा है कि मध्य जून से मानसून के आने के बाद से पाकिस्तान में 3,000 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें, 130 पुल, 4,95,000 घरों को नुकसान पहुंचा है। इनके साथ ही 7,36,459 मवेशियों की भी मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार,'2022 के जुलाई मध्य से पाकिस्तान में शुरू हुई भारी मानसूनी बारिश देश के कई हिस्सों में जारी है और इसने पाकिस्तान के 154 जिलों में से 116 जिलों (75%) को प्रभावित किया है। सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत सिंध है और उसके बाद बलूचिस्तान है।' (इनपुट-एएनआई)
-
Pakistan Terrorism: आतंक की नई राजधानी बना पाकिस्तान! अफगानिस्तान और नाइजीरिया को भी छोड़ा पीछे -
IPL Throwback: पाकिस्तानी होकर भी खेला आईपीएल, बैन के बावजूद कैसे प्रीति जिंटा की टीम का हिस्सा बना यह खिलाड़ी -
Ravindra Kaushik कौन थे? Dhurandhar क्यों कहलाए? Pakistan में कैसे मेजर बना भारत का जासूस? जेल में गुमनाम मौत -
US-Iran जंग में PAK की फील्डिंग सेट, 200% बढ़े तेल के दाम, इस्लामाबाद में अब क्या भाव मिल रहा पेट्रोल-डीजल? -
Monalisa की शादी के 8 दिन बाद ये क्या हो गया? मुस्लिम पति पर बड़ा खुलासा, डायरेक्टर के बयान से मचा हड़कंप -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट?












Click it and Unblock the Notifications