करतारपुर कॉरिडोर की ओपनिंग में खालिस्तानियों का स्वागत करेंगे पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद
लाहौर। नवंबर माह में सिखों के धर्मगुरु गुरुनानक देवजी की 550वीं जयंती है और इसके साथ ही बरसों से अधूरे पड़े करतारपुर कॉरिडोर की भी ओपनिंग होगी। पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद ने कहा है कि वह इस मौके पर खालिस्तानियों का स्वागत करेंगे। राशिद की तरफ से इन्हें समारोह में आने के लिए इनवाइट भेजा जा चुका है। राशिद ने न सिर्फ इन खालिस्तानियों को इनवाइट किया है बल्कि स्थानीय लोगों से कहा है कि वे इनका गर्मजोशी के साथ स्वागत करें।

खालिस्तानियों का स्वागत करने की अपील
शेख राशिद ने कहा, 'जब सिख तशरीफ लाएं, खालिस्तान के लोग तशरीफ लाएं तो उनकी खूब आवभगत की जाए और उनकी खूब मेहमानदारी की जाए।' शेख राशिद ने यह बात उस समय कही है जब वह नानकाना साहिब में लोगों से मुखातिब थे। आपको बता दें कि जब खालिस्तान के समर्थक गोपाल सिंह को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) में नियुक्त किया गया था तो भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया था। भारत के विरोध के बाद पाक ने चावला को पद से हटा दिया था। पाकिस्तान ने यह कदम भारत की ओर से डाले गए दबाव के चलते उठाया है।
चावला की वजह से हुआ था विवाद
पाकिस्तान ने उस समय गोपाल चावला को करतारपुर कॉरिडोर के लिए बनी कमेटी में नियुक्त किया था और भारत इस बात से नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भारत ने अप्रैल में होने वाली वार्ता को आगे बढ़ा दिया। गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव रह चुका है, जिसके तार 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से भी जुड़े रहने की बातें सामने आई हैं। उसे कई मंचों पर हाफिज के साथ देखा गया है। इतना ही नहीं वह भारत के खिलाफ बयानबाजियां भी करता है। 2017 में उसने भारत के पंजाब में खालिस्तानी चरमपंथ को फिर से जिंदा करने की बात कही थी। चावला का नाम नवंबर 2018 में पाकिस्तान के गुरुद्वारा ननकाना साहब और गुरुद्वारा सच्चा सौदा में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के साथ बदसलूकी के मामले में भी सामने आ चुका है।












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