पुलवामा की घटना के बाद बोले पाकिस्तान के पीएम इमरान खान-कश्मीरियों को भविष्य का फैसला लेने दिया जाए
इस्लामबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा एनकाउंटर के बाद विरोध प्रदर्शन में मारे गए सात नागरिकों की मौत की निंदा की है। सिर्फ इतना ही नहीं इमरान ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के मसले को बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे को यूनाइटेड नेशंस (यूएन) तक ले जाने की धमकी भी दी है। इमरान ने पुलवामा की घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है और कहा है यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) को इस पर ध्यान देना चाहिए।

ट्विटर पर दिया बयान
रविवार को इमरान ने ट्वीट किया और लिखा, 'पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों के हाथों मासूम कश्मीरियों की हत्या की मैं निंदा करता हूं। सिर्फ बातचीत से ही इस मसले का हल हो सकता है और हत्या से संघर्ष का कोई हल नहीं निकलेगा।' इमरान ने आगे कहा है कि पाकिस्तान, भारत की ओर से कश्मीर घाटी में जारी मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा यूएनएससी में उठाएगा। इसके साथ ही इमरान ने फिर से जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह कराने की बात कही है। इमरान ने एक और ट्वीट किया और उसमें लिखा, 'कश्मीरियों को उनके भविष्य का फैसला करने का इजाजत दी जानी चाहिए।'
क्या हुआ था शनिवार को
पुलवामा में शनिवार को जो एनकाउंटर हुआ था उसमें सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को ढेर किया था। एनकाउंटर साइट पर भीड़ इकट्ठा हो गई और उसने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ को काबू में करने के लिए सेना और सुरक्षाबलों ने फायरिंग की। फायरिंग में करीब सात लोगों की मौत हो गई थी। करीब एक घंटे तक पुलवामा में भीड़ ने हिंसा की और सुरक्षाबलों को उसे नियंत्रित करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। पुलवामा समेत घाटी के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई थी। वहीं राजनीतिक पार्टियों ने पुलवामा हिंसा पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक की आलोचना की है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सवाल किया है, ' क्या राज्यपाल शासन में इस बात की ही उम्मीद की जानी चाहिए।












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