डर और दहशत के साए में पेशावर आर्मी स्कूल के बच्चों ने लगाई हाजिरी
पेशावर। 16 दिसंबर को पाकिस्तान के पेशावर स्थित एक आर्मी पब्लिक स्कूल तहरीक-ए-तालिबान के आतंकी हमले से दहल गया था। देखते ही देखते आतंकियों ने 141 लोगों की हत्या कर डाली थी जिसमें से 139 मासूम बच्चे भी शामिल थे।

बच्चों की आंखों में झलक रहा था डर
यह स्कूल सोमवार को फिर से खुल गया लेकिन डर का मंजर बच्चों की आंखों में साफ पढ़ा जा सकता था। डरते-डरते बच्चे अपनी क्लासेज में पहुंचे और अपनी अटेंडेंस लगाई। स्कूल खुलते ही टीचर्स और बच्चों ने हमले में मारे गए 141 लोगों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पाक में स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाई गई
हमले के बाद इस स्कूल का रेनोवेशन कराया गया है और पूरे स्कूल की सफाई कराई गई है। वहीं स्कूल की सुरक्षा भी पहले से कई गुना बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान में विंटर वेकेशंस के बाद स्कूल आज से खुले हैं लेकिन उन सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के बाद कुछ स्कूलों को क्लासेज फिर से शुरू करने से साफ मना कर दिया गया है।
इस हमले की वजह से स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई थीं और स्कूलों से सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने को कहा गया था। स्कूलों के बाहर तैनात सुरक्षा अधिकारियों को हथियार मुहैया कराए गए हें।
16 दिसंबर की वह दोपहर
16 दिसंबर को पेशावर के आर्मी स्कूल में जब बच्चे अपनी क्लासेज में पढ़ रहे थे तभी छह आतंकी स्कूल में दाखिल हुए और उन्होंने निर्दयता से बच्चों की हत्या कर डाली थी। तालिबान ने इस हलमे के लिए पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को जिम्मेदार बताया।
पेशावर में हुए आतंकी हमले की दुनियाभर में आलोचना हुई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जहां इस हमले को आतंकियों की दुष्ट कार्रवाई करार दिया था तो वहीं भारत में भी इस हमले में मारे गए बच्चों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना जाहिर की थी।












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