पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के नए मुखिया नवीद मुख्तार कैसे बढ़ाएंगे भारत की मुश्किलें?
पाकिस्तान सरकार ने खुफिया मामलों के अनुभवी लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार को जासूसी एजेंसी आईएसआई का मुखिया नियुक्त कर दिया गया है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने खुफिया मामलों के अनुभवी लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार को जासूसी एजेंसी आईएसआई का मुखिया नियुक्त कर दिया गया है।

पाकिस्तान सरकार का दूसरा बड़ा फैसला
पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला नए सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को नियुक्त करने के बाद दूसरा बड़ा फैसला है। नवाज शरीफ सरकार ने यह फैसला सेना पर मजबूत पकड़ बनाए रखने के साथ-साथ भारत को घेरने के लिए भी किया है। आपको बताते चलें कि नए सैन्य प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने इंटर सर्विस इंटेलिजेंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर को अचानक पद से हटा दिया और उनकी जगह आईएसआई की कमान नवीद मुख्तार को सौंप दी। इसके अलावा उन्होंने दूसरे बड़े बदलाव भी किए हैं।
भारत की अफगानिस्तान में मौजूदगी पाकिस्तान के लिए खतरनाक
पाकिस्तान सरकार यह मानती है कि आईएसआई के नए मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार भारत के अफगानिस्तान में बढ़ते प्रभाव को रोकने में सक्षम हैं। करीब पांच साल पहले नवीद मुख्तार ने एक पेपर में लिखे लेख के जरिए बताया था कि वो भारत की अफगानिस्तान में अच्छी-खासी मौजूदगी को लेकर क्या सोचते हैं। नवीन मुख्तार ने तब बताया था कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान से जुड़ा है और भारत की अफगानिस्तान में मौजूदगी पाकिस्तानी हितों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने किया था विरोध
आईएसआई के नए मुखिया नवीद अख्तर के पास खुफिया क्षेत्र का अच्छा खासा अनुभव है और वो इस्लामाबाद में वह जासूसी एजेंसी की आतंकवाद निरोधक इकाई के मुखिया भी रह चुके हैं। नवीद मुख्तार को वर्ष 1983 में आर्मर्ड कॉर्प्स रेजीमेंट की कमान दी गई थी। यह भी कहा जाता है कि पाकिस्तानी नवाज शरीफ भी नवीद मुख्तार को आईएसआई प्रमुख बनाना चाहते हैं पर पूर्व सेना प्रमुख राहील शरीफ ने उनके इस फैसले का विरोध कर दिया था।












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