कौन हैं शहबाज शरीफ जो बन सकते हैं पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री!
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ 25 जुलाई के बाद हो सकता है कि इस्लामाबाद की सत्ता पर काबिज हों।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ 25 जुलाई के बाद हो सकता है कि इस्लामाबाद की सत्ता पर काबिज हों। पिछले दिनों पाक के एक और पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने इशारा कर दिया है कि अगर चुनावों में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को जीत हासिल होती है तो फिर नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। नवाज जो इस समय जेल में हैं, उनके भाई अगर पीएम बनते हैं तो कहीं न कहीं सत्ता की बागडोर अप्रत्यक्ष तौर पर नवाज के ही हाथ में होगी। शहबाज, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। आइए आपको बताते हैं कि कौन हैं शहबाज और वह पाक की राजनीति में कितना असर रखते हैं। ये भी पढ़ें-पाक चुनावों में लश्कर के उम्मीदवारों से अमेरिका परेशान

पहली बार साल 1997 में बने सीएम
नवाज के छोटे भाई शहबाज आठ जून 2013 से पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदार संभाल रहे थे। इस वर्ष जून में ही उन्होंने अपना पद छोड़ा है। वह पहली बार साल 1997 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने थे। साल 1988 में पाकिस्तान के आम चुनावों में शहबाज को पहली बार प्रांतीय एसेंबली के चुनावों में जीत मिली। साल 1990 में जब चुनाव हुए तो शहबाज दूसरी बार पंजाब प्रांत से जीते और इसी वर्ष उन्होंने पहली बार जनरल इलेक्शंस में जीत हासिल की।

फिर मिली शहबाज को जीत
शहबाज को साल 1993 में हुए प्रांतीय चुनावों में तीसरी बार जीत हासिल हुई। इसके बाद अगस्त 2002 शहबाज को पीएमएल-एन का प्रेसीडेंट चुना गया। जिस समय उन्हें यह पद दिया गया वह सऊदी अरब में निर्वासन में जिंदगी बिता रहे थे। साल 1998 में जब वह पंजाब प्रांत के सीएम थे उसी समय उन पर एंटी-टेररिज्म कोर्ट की ओर से एक्स्ट्रा-ज्यूडीशियल किलिंग्स के तहत दोषी ठहराया गया। साल 2008 में वह रिहा हो गए। शहबाज 11 मई 2004 को पाकिस्तान वापस आने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें लाहौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी वापस भेज दिया गया था।

मुशर्रफ की राजनीति का शिकार
12 अक्टूबर 1999 को पाकिस्तान की सेना ने पाकिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया और बाकी लोगों के साथ शाहबाज शरीफ भी जेल में रहे। बाद में उन्हें सऊदी अरब निर्वासित कर दिया गया। सरकार के अनुसार यह एक अनुबंध के तहत हुआ मगर इससे शरीफ परिवार इनकार करता है और सरकार भी कोई सबूत भी पेश नहीं कर सकी। सऊदी अरब फिर वह ब्रिटेन की राजधानी लंदन चले गए हैं और यहीं से राजनीति में सक्रिय रहे।

हाल ही में कश्मीर पर बोले शहबाज
शहबाज शरीफ का मानना है कि भारत और पाकिस्तान को अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के रास्ते पर चलना चाहिए। शहबाज के मुताबिक अगर अमेरिका और नॉर्थ कोरिया परमाणु युद्ध की कगार से वापस लौट सकते हैं तो फिर भारत और पाकिस्तान के पास ऐसी कोई वजह नहीं है कि दोनों देश ऐसा न कर सके। दोनों देशों को कश्मीर पर बातचीत शुरू करनी चाहिए। शहबाज की मानें तो पाकिस्तान के नायकों ने कश्मीर पर भारत के कब्जे को पूरी तरह से इनकार कर दिया है।
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