पाकिस्तान में चुनावों में लश्कर-ए-तैयबा के उम्मीदवार, अमेरिका ने जताई चिंता, यूरोपियन यूनियन और जापान का बड़ा बयान
अमेरिका ने इस बात पर खासी चिंता जाहिर की है कि 25 जुलाई को होने वाले चुनावों में यहां पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोग भी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान को अपनी चिंताओं के बारे में बता दिया है।
वाशिंगटन। अमेरिका ने इस बात पर खासी चिंता जाहिर की है कि 25 जुलाई को होने वाले चुनावों में यहां पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोग भी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान को अपनी चिंताओं के बारे में बता दिया है। पाकिस्तान के अखबार द डॉन की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। डॉन की मानें तो अमेरिकी विदेश विभाग ने इस बात पर संतुष्टि जताई कि चुनाव आयोग ने मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) के रजिस्ट्रेशन को जून में ही खारिज कर दिया था।

जापान ने भी दिया अहम बयान
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से कहा गया है कि हमने बार-बार इस बात को लेकर पाकिस्तान की सरकार के सामने चिंता जाहिर की है कि लश्कर से जुड़े व्यक्ति चुनाव मैदान में हैं। वहीं यूरोपियन यूनियन (ईयू) की ओर से भी कहा गया था कि पाकिस्तान को यह बात सुनिश्चित करनी होगी कि पाकिस्तान के हर हिस्से में चुनावी गतिविधियां सुरक्षित माहौल में हों। जापान के विदेश मंत्री की ओर से भी इस बात पर चिंता जाहिर की गई थी। जापानी के विदेश मंत्री तारो कोनो की ओर से कहा गया है कि जापान इस बात की उम्मीद करता है कि आम चुनाव जो इस माह होने वाले हैं, वे एक आजाद, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में होंगे और किसी भी तरह से आतंकी पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को परेशान नहीं कर पाएंगे। एक तरफ अमेरिका की ओर से लश्कर से जुड़े व्यक्तियों के चुनावों में हिस्सा लेने पर चिंता जाहिर की गई है तो वहीं दूसरी ओर एक और आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के संस्थापक फजलुर रहमान खलील ने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस संगठन को अमेरिका ने आतंकी संगठन की लिस्ट में डाला हुआ है और इस संगठन के अल-कायदा के साथ संबंध हैं।












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