कर्नाटक हिजाब विवाद: पाकिस्तान ने भारतीय दूतावास के प्रभारी को बुलाकर कही ये बात
इस्लामाबाद, 10 फरवरी: कर्नाटक हिजाब विवाद में पाकिस्तान भी लगातार कूदने की कोशिश में लगा पड़ा है। अब इस्लामाबाद में उसने अपने विदेश मंत्रालय में भारतीय दूतावास के प्रभारी (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब किया और इस मामले में अपनी ओर से गंभीर चिंता जताने की कोशिश की है। पाकिस्तानी फॉरेन ऑफिस से बुधवार देर रात जारी बयान के मुताबिक उसने भारतीय राजनयिक से भारत में मुसलमानों के खिलाफ तथाकथित 'धार्मिक असिहष्णुता, नकारात्मक रूढ़िबद्धता, दोषारोपण और भेदभाव' पर गहरी चिंता जाहिर की है।

हिजाब विवाद में पाकिस्तान भी घुसा
कर्नाटक हिजाब मामले को तूल देने के लिए पाकिस्तान भी सक्रिय हो चुका है। उसने इस मामले में बुधवार को इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के सबसे बड़े राजनयिक को बुलाकर यह जताने की कोशिश की है कि उसे भारत में रहे मुसलमानों की बहुत ज्यादा फिक्र है। पाकिस्तानी फॉरेन ऑफिस की ओर से बुधवार देर रात जारी बयान के मुताबिक 'भारत सरकार कर्नाटक में महिलाओं को परेशान करने वालों की निश्चित तौर पर जिम्मेदारी तय करे और मुस्लिम महिलाओं की सलामती, सुरक्षा और कल्याण के लिए पर्याप्त कदम उठाए।'
पाकिस्तानी मंत्रियों ने पहले ही उठाया था मुद्दा
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी इस मसले में टांग घुसाने की कोशिश की थी और आरोप लगाया था कि मुस्लिम लड़कियों को शिक्षा से वंचित करना उनके मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। यही नहीं पाकिस्तान के विवादास्पद सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने भी आरोप लगाया था कि भारत में जो कुछ हो रहा है, वह चिंताजनक है और जोर देकर कहा था कि हिजाब या कोई भी ड्रेस पहनना निजी पसंद का मामला है और नागरिकों को निश्चित रूप से इसमें स्वतंत्रता दी जाए।
केंद्रीय मंत्री ने पाकिस्तान को दिया दो टूक जवाब
पाकिस्तानी मंत्रियों के ट्वीट पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि कुछ लोग शिक्षण संस्थानों में ड्रेस कोड और अनुशासन के फैसले को भी 'सांप्रदायिक रंग' दे रहे हैं, जो कि उनके 'भारत की समावेशी संस्कृति को बदनाम करने की साजिश' का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा था कि जो पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के लिए 'अपराध और क्रूरता का जंगल है', वह भी भारत को सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता पर उपदेश दे रहा है। नकवी ने कहा, 'सच्चाई ये है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के सामाजिक-शैक्षणिक-धार्मिक अधिकारों को निर्लज्जता के साथ कुचला जा रहा है।' उन्होंने जोर देकर कहा है कि, 'मुसलमानों समेत सभी अल्पसंख्यकों के समान अधिकार, सम्मान और समृद्धि, सहिष्णुता, सद्भाव और समावेशिता भारत की प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है।'
क्या है कर्नाटक का हिजाब विवाद ?
कर्नाटक हिजाब विवाद की शुरुआत सबसे पहले जनवरी में उडुपी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज से शुरू हुई थी। यहां 6 स्टूडेंट संस्थान के मान्य ड्रेस कोड का उल्लंघन करके सिर में हेडस्कार्व्स बांधकर क्लास में उपस्थित हुए थे। जब उनसे कहा गया कि कैंपस से चले जाएं तो इस मामले को जबर्दस्त ढंग से तूल दिया जाने लगा। बाद मे यह मामला राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल गया और इसके जवाब में स्टूडेंट का दूसरा वर्ग भी केसरिया गमछा लेकर पहुंचना शुरू कर दिया। इस वजह से टकराव की स्थिति बननी शुरू हो गई और राज्य सरकार को शिक्षण संस्थानों को एहतियात के तौर पर बंद करने का फैसला लेना पड़ा।












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