26/11 का कंट्रोल रूम वाला कराची जेहादियों का गढ़, हाफिज सईद, मसूद अजहर की मौजूदगी
ब्रसेल्स के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट का दावा कराची भारत-विरोधी कई जेहादी संगठनों और अपराधियों का गढ़। लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा जैसे कई संगठन कराची में काफी मजबूत।
ब्रसेल्स। पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर और यहां की आर्थिक राजधानी कराची, भारत-विरोधी कई जेहादियों और आतंकवादी संगठनों का का गढ़ है। इन संगठनों को पाकिस्तान आर्मी का सपोर्ट भी मिलता है। यह कहना है जर्मनी के शहर ब्रसेल्स स्थित एक थिंक टैंक की रिपोर्ट का।

लश्कर से लेकर जैश तक के अड्डे
ब्रसेल्स के थिंक टैंक इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी संगठन जैसे लश्कर-ए-तैयबा, इसका ही एक और संगठन जमात-उद-दावा, मौलाना मसूद अजहर का संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-झांगवी के संबंध कराची के कई बड़े और अच्छा फाइनेंशियल सपोर्ट पाने वाले मदरसों से हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाक के कई खतरनाक संगठन कराची की सरजमीं से और यहां से मिल रहे संसाधनों की वजह से संचालित हो रहे हैं। ये संगठन मदरसे चलाते हैं और चैरिटी के कई कार्यों का भी करते हैं। पाक की कानूनी एजेंसियों को भी इन संगठनों के बारे में सब-कुछ पता है। इस थिंक टैंक की रिपोर्ट को, 'पाकिस्तान: स्टॉकिंग द फायर इन कराची,' नाम दिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे सांप्रदायिक, राजनीतिक और जेहादी संगठन पाक के सबसे अमीर शहर कराची को एक प्रेशर कुकर में तब्दील करते जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाक रेंजर्स तो जेहादी और आपराधिक संगठनों को एक 'अच्छे' जेहादी के तौर पर बयां करते हैं और फिर कोई भी कार्रवाई करने से बचते हैं।
मुंबई हमलों के समय यही था कंट्रोल रूम
रिपोर्ट में कई सीनियर ऑफिसर्स, जर्नलिस्ट्स, सोशल एक्टिविस्ट्स के हवाले से लिखा गया है कई जेहादी मास्टरमाइंड थे जो सितंबर 2013 में रेंजर्स ऑपरेशन की वजह से शहर को छोड़कर चले गए थे। अब यही जेहादी इस शहर को सुरक्षित मानने लगे हैं और शहर वापस लौट रहे हैं। थिंक टैंक की रिपोर्ट में एक ऑफिसर के हवाले से लिखा गया है कि जब पाकिस्तान और भारत में कश्मीर की वजह से तनाव बढ़ता है तो जेहादी कराची आ जाते हैं। यह रिपोर्ट आज आई है लेकिन मुंबई पर वर्ष 2008 में जो आतंकी हमला 26/11 हुआ था, उसका कंट्रोल रूम कराची में ही था। लश्कर-ए-तैयबा का मुखिया और इन हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद कराची के कंट्रोल रूम से ही पूरे हमले को देख रहा था। इसी कंट्रोल रूम में पाकिस्तान सेना और इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के कई अधिकारी भी मौजूद थे। कराची, पाकिस्तान नेवी का हेडक्वार्टर भी है और इस शहर की तुलना भारत के मुंबई शहर से की जाती है। 26/11 के आतंकी कराची से ही मुंबई में दाखिल हुए थे।












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