Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

IMF से पाकिस्तान को फिर मिला कर्ज, क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद और खराब रिकॉर्ड को लेकर भारत ने किया था विरोध

India-Pak Tension IMF Bailout: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने आज पाकिस्तान के लिए 1 अरब डॉलर की विस्तारित फंड सुविधा (ईएफएफ) ऋण कार्यक्रम की समीक्षा की, साथ ही 1.3 अरब डॉलर की नई 'लचीलापन और सततता सुविधा' (RSF) कर्ज सुविधा पर विचार किया।

इस बैठक में भारत ने बतौर सदस्य पाकिस्तान को कर्ज देने पर कड़ी आपत्तियां जताईं। भारत ने पाकिस्तान के आईएमएफ फंड के लेकर विरोध किया और उसके खराब रिकॉर्ड कर्ज पैसे के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की।

IMF-Bailout-India-pak-tension

भारत ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा इस राशि का इस्तेमाल क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है जो बेहद चिंताजनक है। इससे पहले भी भारत ने फंड ना देने का अनुरोध किया था।

IMF Bailout: पाकिस्तान को कर्ज देने पर भारत ने उठाए सवाल

भारत ने बैठक में कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से कर्ज ले रहा है, लेकिन इसका ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। 1989 से लेकर अब तक के 35 वर्षों में पाकिस्तान को 28 वर्षों में आईएमएफ से ऋण प्राप्त हुआ है। सिर्फ पिछले पांच वर्षों (2019 से 2024) में ही पाकिस्तान ने चार आईएमएफ कार्यक्रमों का लाभ उठाया है।

भारत ने पूछा कि यदि पिछले फंड ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने में सफलता पाई होती, तो आज फिर एक और बेलआउट की आवश्यकता क्यों होती? भारत ने इस स्थिति को आईएमएफ कार्यक्रमों की डिज़ाइन, निगरानी या पाकिस्तान द्वारा उनके क्रियान्वयन किसी एक या सभी पर सवाल खड़े करने वाला बताया।

IMF Bailout: सेना की आर्थिक दखल और राजनीतिक प्रभाव

भारत ने इस तथ्य की ओर भी ध्यान दिलाया कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सेना की गहरी दखलंदाजी है, जो देश की आंतरिक सुधारों की दिशा में बाधा डाल रही है। भले ही वहां एक चुनी हुई सरकार सत्ता में हो, लेकिन सेना न केवल राजनीति में बल्कि आर्थिक फैसलों में भी निर्णायक भूमिका निभा रही है।

भारत ने 2021 की एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि सेना से जुड़ी व्यावसायिक संस्थाएं पाकिस्तान की सबसे बड़ी कारोबारी इकाई हैं। हालिया परिस्थितियों में सेना अब पाकिस्तान के 'स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल' (SIFC) में प्रमुख भूमिका निभा रही है, जिससे आर्थिक नीति-निर्माण में सैन्य प्रभाव और भी बढ़ गया है।

IMF Bailout: आतंकवाद के लिए पैसे का दुरुपयोग

भारत ने आईएमएफ की अपनी ही रिपोर्ट "Evaluation of Prolonged Use of IMF Resources" में पाकिस्तान के अध्याय का उल्लेख किया, जिसमें यह कहा गया था कि पाकिस्तान को बार-बार ऋण दिए जाने में राजनीतिक कारणों की भूमिका होने की व्यापक धारणा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अब एक ऐसा देश बन गया है, जिसकी विफलता की आशंका आईएमएफ के लिए भी बहुत बड़ी है - जिसे वित्तीय दुनिया में "Too Big to Fail" कहा जाता है।

भारत ने बैठक में यह चेतावनी भी दी कि जब किसी देश को बार-बार ऋण दिया जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का समर्थन करता है, तो यह पूरी अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की साख को खतरे में डालता है। भारत ने यह आशंका जताई कि आईएमएफ जैसे संस्थानों से प्राप्त "fungible" धनराशि का उपयोग पाकिस्तान सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों के लिए कर सकता है।

भारत ने कहा कि ऐसे मामलों में नैतिक मूल्यों को वित्तीय प्रक्रियाओं में उचित स्थान दिया जाना चाहिए। केवल तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी औपचारिकताओं के आधार पर निर्णय लेना गंभीर खामियों को जन्म देता है।

IMF Bailout: भारत ने मतदान से बनाई दूरी

भारत ने आईएमएफ की बैठक में मतदान से परहेज (abstention) कर यह दर्शाया कि वह प्रस्तावित ऋण सुविधा से सहमत नहीं है, लेकिन साथ ही उसने विश्व समुदाय को यह मजबूत संदेश भी दिया कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों को बार-बार आर्थिक सहायता देना वैश्विक मूल्यों के साथ विश्वासघात है।

इस मुद्दे पर भारत की चिंताओं को कई अन्य सदस्य देशों का समर्थन मिला, हालांकि आईएमएफ की प्रतिक्रिया अभी तक प्रक्रियागत सीमाओं में बंधी हुई है।

विशेषज्ञों की माने तो भारत का यह रुख न केवल पाकिस्तान की आर्थिक नीति और आतंकवाद के प्रति दृष्टिकोण को कठघरे में खड़ा करता है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय संस्थाओं की जिम्मेदारी और नैतिकता पर भी सवाल उठाता है। आने वाले समय में यह देखा जाना दिलचस्प होगा कि आईएमएफ इन चिंताओं का जवाब कैसे देता है और क्या पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर कोई शर्तें और सख्ती बढ़ाई जाती हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+