कश्मीर के अलगाववादियों का समर्थक पाकिस्तान बलूचिस्तान के Separatists से परेशान, ईरान से कहा उन्हें पनाह देना बंद करिए
इस्लामाबाद। पाकिस्तान जो कश्मीर के अलगाववादियों को पनाह देता है और उनका समर्थन करता है, अब बलूचिस्तान के अलगाववादियों से परेशान है। पिछले हफ्ते बलूचिस्तान के केच में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान सेना के छह सैनिकों की मौत हो गई थी। इन सैनिकों में एक मेजर रैंक के अधिकारी भी शामिल थे। अब पाक आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने ईरान के आर्मी चीफ को फोन किया है। इस फोन कॉल में उन्होंने ईरान से कहा है कि समानता और गैर-हस्तक्षेप और आपसी सम्मान के सिद्धांत को अपनाए। पाकिस्तान की मीडिया की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।

जनरल बाजवा ने किया ईरान को कॉल
जनरल बाजवा ने ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी से फोन पर बात की। जनरल बाजवा ने ईरान से कहा है कि वह बलूचिस्तान के उन अलगाववादी नेताओं को शरण देना बंद करें जो पाकिस्तान की सेना पर आतंकी हमलो की साजिश रच रहे हैं। जनरल बाजवा ने यह फोन कॉल उस समय की जब पाकिस्तान-ईरान बॉर्डर पर शुक्रवार को एक आतंकी हमला हुआ और उसमें पाक के छह सैनिकों की मौत हो गई। पाकिस्तान आर्मी की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की तरफ से बताया गया है कि जनरल बाजवा ने ईरानी कमांडर से कहा है कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता और यह आपसी सम्मान, गैर-हस्तक्षेप और समानता पर ही निर्भर है।

अलगाववादियों को पनाह न देने का अनुरोध
जनरल बाजवा ने जनरल बाघेरी से कहा है कि वह बलूचिस्तान के अलगाववादियों को पनाह देना बंद करे। उन्होंने अलग बलूचिस्तान की आवाज उठाने वाले अलगाववादी नेताओं के खिलाफ एक्शन लेने की भी मांग की है। पाकिस्तान का कहना है कि ये नेता ईरान में ही हैं। पाकिस्तान की कुछ एजेंसियों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों से ईरान की इंटेलीजेंस एजेंसियों ने बलूच अलगाववादी नेताओं के साथ संबंध काफी मजबूत कर लिए हैं ताकि ईरान के आतंकियों को जवाब दिया जा सके। इन दिनों बलूचिस्तान में हालात ठीक नहीं हैं और वहां पर बड़े पैमाने पर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

ईरान का कहना आतंकियों को दी पाक ने पनाह
ईरान मानता है कि इन आतंकियों को पाकिस्तान ने पनाह दी है। बलूच अलगाववादी नेताओं की वजह से पिछले कुछ समय से दोनों देशों के रिश्ते काफी खराब हो गए हैं। डॉन अखबार के मुताबिक दोनों तरफ पर मौजूद बलूचिस्तान अलगाववादी नेताओं की वजह से सीमा विवाद और जटिल हो गया है। पाकिस्तान और ईरान दोनों देश विस्तृत तंत्र को लाने पर राजी हुए हैं ताकि सीमा पर हालातों को सामान्य किया जा सके। लेकिन समय-समय पर कुछ ऐसी घटनाएं होती रहती हैं जिनकी वजह से संबंध बिगड़ रहे हैं।

16 फरवरी 2019 से रिश्ते तनावपूर्ण
16 फरवरी 2019 को ईरान की पाकिस्तान से लगती सीमा पर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। हमले को पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-अद्ल ने अंजाम दिया था। इस हमले के बाद से ही पाकिस्तान और ईरान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। हमले में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स को निशाना बनाया गया था और 27 ईरानी सैनिकों की मौत हो गए थे। ईरान के सैनिकों को भी पुलवामा स्टाइल में निशाना बनाया गया था। विस्फोटकों से लदा एक ट्रक जवानों को ले जा रही बस से भिड़ गया था। इस घटना में 13 जवान घायल भी हो गए थे। उसके बाद पाकिस्तान को ईरान की तरफ से चेतावनी दी गई थी।












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