नोएडा में कोविड के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे प्राइवेट अस्पताल, फिक्स हुई इलाज की दरें
नोएडा में कोविड के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे प्राइवेट अस्पताल, फिक्स हुई इलाज की दरें
Noida, Apr 13: कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 13 हजार 685 नए मामले सामने आए है। तो वहीं, 72 मरीजों की संक्रमण से मौत हो गई है। इस बीच नोएडा जिले में मुनाफाखोरी रोकने के लिए कोविड टेस्ट और इलाज की दरें फिक्स कर दी गई है। यानी अब प्राइवेट अस्पताल, कोविड के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। यादि किसी प्राइवेट अस्पताल ने निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

खबरों के मुताबिक, नोएडा जिला प्रशासन एवं स्वाश्य विभाग ने पिछले साल दिसंबर में डॉ. विनोद पाल कमेटी द्वारा निर्धारित दरों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। इन दरों के मुताबिक, आरटीपीसीआर जांच 700 रुपए में, वहीं घर से नमूने लेने पर 900 रुपए देने होंगे। ट्रू नॉट और सीबी नॉट जांच के लिए अधिकतम 2000 रुपए निर्धारित किए गए हैं। वहीं एनएबीएच से संबद्ध अस्पताल में आइसोलेशन बेड के लिए हर दिन 10 हजार रुपए देने होंगे। जबकि आईसीयू के लिए 15 हजार, वहीं आईसीयू और वेंटिलेटर के लिए 18 हजार रुपए देने होंगे।
गैर-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में दैनिक इलाज के दौरान आइसोलेशन बेड के लिए 8 हजार, आईसीयू के लिए 13 हजार और आईसीयू व वेंटिलेटर के लिए 15 हजार रुपए ही लिए जा सकेंगे। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त अस्पताल आइसोलेशन वाले बेड के लिए रोजोना 10 हजार रुपए से ज्यादा नहीं ले सकेंगे, जबकि गैर-मान्यता प्राप्त अस्पताल 8 हजार से ज्यादा नहीं ले सकेंगे। इन सबमें पीपीई किट का खर्च भी शामिल है।
हालांकि, जिले के कई कोविड अस्पतालों में बेड फुल हैं। इस वजह से मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। सोमवार को भी ऐसे कई मामले सामने आए, जहां मरीज इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते रहे।
कोविड अस्पताल बिस्तर
शारदा 750 :
जिम्स 150 :
निम्स 200
कैलाश 200
जेपी 150 (फुल)
फोर्टिस 46 (फुल)
यथार्थ 200 (फुल)
प्रकाश 100
सेक्टर-39 360 (176 मरीज भर्ती)












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