दिहाड़ी मजदूर देवेंद्र के नाम 1.36 करोड़ की कंपनी, GST विभाग से आया 24 लाख का नोटिस तो हुआ खुलासा
Noida News: अगर आप भी किसी को अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड नंबर या फिर ओटीपी बताते है तो सावधान हो जाए। कहीं वो आपके साथ फर्जी वाड़ा तो नहीं कर रहा। दरअसल, फर्जी पैन और आधार कार्ड के जरिए फर्म तैयार कर जीएसटी की हेरफेर करने वाले कई गैंग उत्तर प्रदेश के एनसीआर में सक्रिय है।
हाल ही में ऐसे ही एक गैंग का सेक्टर 20 थाना पुलिस ने खुलासा किया था। तो वहीं, बुलंदशहर निवासी दिहाड़ी मजदूर देवेंद्र ने भी सेक्टर 63 थाने में ऐसा ही मामला दर्ज कराया है। देवेंद्र की मानें तो वह दिहाड़ी मजदूर है और मजदूरी करके दिन के 500 से 700 रुपए कमा पाता है और उसकी कमाई से ही घर चलता है।

दिहाड़ी मजदूर देवेंद्र ने बताया कि एक दिन उसे डाक द्वारा गाजियाबाद जीएसटी विभाग से एक नोटिस मिला। नोटिस देखते ही उसके होश उड़ गए। दरअसल, नोटिस में लिखा था कि उसकी फर्म के 2022-23 का टर्न ओवर 1.36 करोड़ रुपय है। जिसका 24 लाख 61 हजार रुपए जीएसटी बकाया है।
नोटिस मिलने के बाद दिहाड़ी मजदूर देवेंद्र ने इस की शिकायत बुलंदशहर पुलिस से की। आजतक की खबर के मुताबिक, देवेंद्र की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिनों बाद देवेंद्र को फिर से गाजियाबाद जीएसटी विभाग का नोटिस प्राप्त हुआ। इस दौरान उसे पता चला कि जिस पैकिंग कंपनी में वह दो साल पहले नौकरी करता था वहां कॉन्ट्रेक्टर प्रशांत कुमार भी काम करता था।
उसने सैलरी देने के बहाने उससे आधार कार्ड औऱ पैन कार्ड लिया था। उसी आधार और पैन कार्ड की मदद से उसने देवेंद्र के नाम पर एक फर्म तैयार की, जिसे जितेंद्र नामक शख्स चला रहा है। जिसके बाद मजदूर देवेंद्र ने खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का मामला थाना सेक्टर 63 में दर्ज कराया है।
देवेंद्र द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में प्रशांत और जितेंद्र सिसोदिया के नाम मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़ित देवेंद्र की शिकायत के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।












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