ऑनलाइन चैटिंग ऐप से ठगी करने वाले 5 नाइजीरियन और 1 भूटानी महिला गिरफ्तार, महिलाओं को बनाते थे निशाना
Online Fraud: आरोपी पिछले करीब सात-आठ साल से ठगी कर रहे थे। आरोपियों ने भारतीय महिलाओं के अलावा पुर्तगाल, स्वीडन, नीदरलैंड आदि देशों की महिलाओं के साथ मित्रता कर उनके साथ इसी प्रकार की ठगी की।

नोएडा में थाना सेक्टर 20 पुलिस व साइबर सेल ने ऑनलाइन चैटिंग ऐप के माध्यम से महिलाओं से दोस्ती कर कस्टम के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। खास बात यह है कि ठगी करने वाले भारतीय मूल के नहीं बल्कि नाइजीरिया और भूटान के रहने वाले हैं। पुलिस ने पांच नाइजीरियन और भूटान देश की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी पिछले करीब आठ साल से इसी तरह ठगी कर रहे थे। बता दें कि आरोपी अब तक सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके हैं।

ठगी के लिए विभिन्न डेटिंग एप का इस्तेमाल
दरअसल, पकड़े गए आरोपी भारत में वर्ष 2021 में पढ़ाई एवं इलाज के वीजा पर आए थे। इनके वीजा की समय सीमा 2021 के जून में समाप्त हो गई थी। समयावधि समाप्त होने के बाद भी यह आरोपी अपने देश वापस नहीं गए और संगठित अपराध करने लगे। आरोपियों ने विभिन्न डेटिंग एप का इस्तेमाल कर अपनी फेक प्रोफाइल तैयार की। अपने आप को प्लास्टिक सर्जन एवं स्वयं को भारत का मूल निवासी बताकर महिलाओं से मित्रता करना शुरू कर दी। योजना के अनुसार ये लोग खुद को भारत आने पर एयरपोर्ट पर स्वयं को कस्टम चेंकिग के दौरान विदेशी मुद्रा लाने के नाम पर पकड़े जाने की फर्जी कहानी तैयार कर लेते। इसके बाद इन्हीं के गिरोह की महिला अपराधी द्वारा कस्टम ऑफिसर बनकर अपने जाल में फंसाई गई महिला को कस्टम द्वारा पकड़े गए व्यक्ति को छुड़ाने के नाम पर कस्टम डयूटी के रूप में रुपए लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देती थी।

विदेशों के महिलाओं से करते थे ठगी का काम
आपको बता दें कि आरोपी पिछले करीब सात-आठ साल से ठगी कर रहे थे। आरोपियों ने भारतीय महिलाओं के अलावा पुर्तगाल, स्वीडन, नीदरलैंड आदि देशों की महिलाओं के साथ मित्रता कर उनके साथ इसी प्रकार की ठगी की। आरोपी ठगी से प्राप्त पैसे विभिन्न फर्जी खातों में ट्रान्सफर कर अपने देश नाईजीरिया की करेन्सी नायरा में बदलकर कर अपने शौक पूरे करते थे। कई आरोपियों ने ठगी की रकम से नाइजीरिया में सम्पत्ति भी खरीद रखी है। पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मोबाइल के कैमरे पर लगा रहता था स्टीकर
आरोपी महिलाओं को सोशल साइट या गूगल से फोटो डाउनलोड कर फोटो भेजते थे और साथ ही वह कभी भी वीडियो कॉल नहीं करते थे। मोबाइल के कैमरे पर स्टीकर लगाकर रखते थे और महिलाओं को बताते थे कि उनके फोन का कैमरा खराब है। पुलिस ने इनके पास से जितने भी फोन बरामद किए हैं, सभी के कैमरों पर स्टीकर चिपका हुआ था। वह सिर्फ महिलाओं से व्हाट्सएप मैसेज या फिर वाइस कॉल में ही बात करते थे।
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300 से अधिक महिलाओं के साथ कर चुके हैं डेटिंग एप पर बात
भूटानी महिला कस्टम ऑफिसर बनकर भारतीय महिलाओं से पैसे की मांग करती थी। महिलाएं झांसे में आकर अकाउंट में पैसे भेज देती थीं। वहीं जांच में इस गिरोह की 300 महिलाओं के साथ चैटिंग पुलिस के हाथ लगी है।
मामले पर पुलिस का क्या कुछ कहना है
वहीं इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पता चला है कि इस गिरोह के लोग लंबे समय से दनकौर के एक गेस्ट हाउस में रह रहे थे। इस मामले में एडिशनल डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि यह गिरोह हर महिला से 50 से 60 हजार रुपये लेता था। इनके द्वारा कितने लोगों के साथ ठगी की गई है, इसकी जांच की जा रही है।












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