गौतमबुद्ध नगर को COVID-19 मोबाइल सैंपलिंग वैन मिली, खासियत जानकर करेंगे तारीफ
नोएडा। सोशल कॉरपोरेट रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) ने गौतमबुद्ध नगर बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन को कोविड-19 सैंपलिंग वैन दी है। सोमवार को सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने सेक्टर-39 स्थित प्रस्तावित कोविड-19 अस्पताल से इस वैन को रवाना किया गया। इसकी मदद से हर दिन 200 से 250 लोगों की सैंपलिंग हो सकेगी। वहीं, दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर में दूसरे जिलों के कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच बंद कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएडा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में सोमवार को इंदिरापुरम से आए संदिग्ध मरीज को यह कहकर नमूने जांच के लिए नहीं लिए गए कि वह गाजियाबाद में रहते हैं। अस्पताल का कहना था कि हमें सिर्फ गौतमबुद्ध नगर के ही संदिग्ध मरीजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने सेक्टर-39 स्थित प्रस्तावित कोविड-19 अस्पताल से इस वैन को रवाना किया। मोबाइल वैन कोरोना के संवेदनशील इलाकों में प्रतिदिन 200 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि डाबर इंडिया कंपनी ने सीएसआर के तहत कोविड-19 मोबाइल सैंपलिंग वैन उपलब्ध कराई है। कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मोबाइल वैन से संदिग्ध मरीजों के नमूने लिए जाएंगे। इसे जांच के लिए सरकारी लैब में भेजा जाएगा ताकि संवेदनशील क्षेत्र में कोरोना के प्रभाव को रोका जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को जिले के कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा।
इस वैन के जरिये प्रतिदिन 200 से 250 सैंपलिंग की जा सकेगी। इससे हम अधिक से अधिक लोगों की जांच कर वायरस के संक्रमण को रोकने की दिशा में प्रभावी काम कर सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान डाबर इंडिया लिमिटेड और जनपद के स्वास्थ्य विभाग की ओर से एमओयू साइन किया गया। उसके बाद मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने मोबाइल वैन को रवाना किया।
दिल्ली-गाजियाबाद के मरीज नहीं करा सकेंगे COVID-19 जांच
वहीं, दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर में दूसरे जिलों के कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच बंद कर दी गई है। इससे नोएडा के बॉर्डर से सटे गाजियाबाद और दिल्ली के लोग यहां कोरोना संक्रमण की जांच नहीं करा सकेंगे। नोएडा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल का कहना था कि हमें सिर्फ गौतमबुद्ध नगर के ही संदिग्ध मरीजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। नोएडा से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वसुंधरा, खोड़ा और दिल्ली के मयूर विहार, अशोक नगर, के ज्यादातर मरीज नोएडा के अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की जांच बंद होने के कारण इन स्थानों पर रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।












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