Uzbekistan में भारतीय कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत के मामले में यूपी से 3 गिरफ्तार, मालिक मालकिन फरार
Uzbekistan cough syrup deaths: नोएडा स्थित दवा कंपनी के 3 अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि दिसंबर के महीने में उज्बेकिस्तान ने दावा किया था कि भारतीय कफ सिरप से उसके देश में 18 बच्चों की मौत हो गई है।

उज्बेकिस्तान में कफ सिरप से हुई कथित मौत के मामले में नोएडा स्थित दवा कंपनी के 3 अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि दिसंबर के महीने में उज्बेकिस्तान ने दावा किया था कि भारतीय कफ सिरप से उसके देश में 18 बच्चों की मौत हो गई है।
क्या है पूरा मामला
बीते दिसम्बर महीने में भारतीय कफ सिरप की गुणवत्ता पर उज्बेकिस्तान सरकार ने सवाल उठाये थे। उज्बेकिस्तान सरकार का आरोप था कि भारत में बने कफ सिरप पीने से वहां के करीब 18 बच्चों की मौत हो गई थी। जिसके बाद कंपनी की तरफ से भेजे गये Doc-1 Max टैबलेट और सिरप का नमूना उज्बेकिस्तान सरकार ने जांच के लिए भारत भेजा था।

मैरियन बायोटेक कंपनी के तीन अधिकारियों को धरदबोचा
जिसके बाद भेजे गए नमूनों की जांच में नमूने फेल हो गए। कफ सिरप मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद गाजियाबाद ड्रग इंस्पेक्टर ने पुलिस से इस मामले में शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मैरियन बायोटेक कंपनी के तीन अधिकारियों को धरदबोचा है। पुलिस ने इस मामले में ऑपरेशन हेड सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि कंपनी के मालिक फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
कप सिरप टेस्ट में हुआ फेल
पुलिस प्रशासन द्वारा बताया गया कि गाजियाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर आशीष ने थाना फेस-3 में बीती रात को रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सेक्टर 67 स्थित एक दवा बनाने की कंपनी में निर्मित कफ सिरप मानकों के ऊपर खरा नहीं उतरा है।

मामले को लेकर इन लोगो पर दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में कंपनी की डायरेक्टर जया जैन, सचिन जैन, ऑपरेशन हेड तुहीन भट्टाचार्य, मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट अतुल रावल तथा मूल सिंह आदि के खिलाफ धारा 274, 275, 276, औषधि प्रसाधन सामग्री अधिनियम 17,17ए,17 -बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई थी कि पुलिस ने तुहीन भट्टाचार्य, अतुल रावत तथा मूल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के मालिक मालकिन फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।
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2022 दिसंबर महीने में 18 बच्चों की हुई थी मौत
2022 के दिसंबर महीने में उक्त कंपनी द्वारा बनाया गया सिरप पीने से उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की संदिग्ध मौत हो गई थी। उज्बेकिस्तान सरकार की सूचना के आधार पर भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया तथा कंपनी पर छापेमारी की गई।
प्रशासन ने दवा की कंपनी का लाइसेंस पहले ही कर चुका है निलंबित
उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर 19 बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने सेक्टर-67 स्थित दवा फर्म मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का दवा उत्पादन लाइसेंस निलंबित कर दिया था। दवा रिकार्ड मेंटनेंस के अलावा रॉ मैटेरियल खरीद की जानकारी समय से नहीं उपलब्ध कराने पर कंपनी का दवा उत्पादन लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।
दस्तावेज पेश नहीं कर सके, उत्पादन पर लगा दी थी तत्काल रोक
आपको बता दें कि केंद्रीय एजेंसियों और उत्तर प्रदेश औषधि विभाग के एक दल ने पिछले साल 29 दिसंबर को यहां कंपनी के कार्यालय का निरीक्षण किया था और जांच के लिए छह और नमूने लिए थे। गौतमबुद्ध नगर के औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया था कि निरीक्षण के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि 'डॉक-1 मैक्स' के उत्पादन से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके बाद सरकार ने इसके उत्पादन पर तत्काल रोक लगा दी थी।













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