Greater Noida में पकड़ी गई एक और ड्रग्स फैक्ट्री, 200 करोड़ की ड्रग्स के साथ दो विदेशी गिरफ्तार
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा पुलिस को 15 दिनों के अंदर फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के पॉश इलाके में छापामार कर करीब 30 किलो ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत तकरीबन 200 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

Greater Noida: ड्रग्स मामले में 15 दिन के अंदर ग्रेटर नोएडा पुलिस को दूसरी बार बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के पॉश इलाके ओमेगा स्थित मित्रा सोसायटी में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को करीब 30 किलो ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत तकरीबन 200 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की छापेमारी के दौरान यह बात भी सामने आई है कि इस फैक्ट्री को अफ्रीकी मूल के लोग चला रहे था। पुलिस ने मौके से दो अफ्रीकी लोगों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां बन रही ड्रग्स दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में आयोजित रेव पार्टियों के अलावा विदेशों में सप्लाई की जा रही थी।
बता दें, इससे पहले 16 मई को भी पुलिस ने थाना सूरजपुर क्षेत्र के सेक्टर थीटा-2 में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए एक भारतीय और 9 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद मंगलवार 30 मई को डीसीपी ग्रेनो की स्वाट टीम ने ओमेगा सेक्टर में चल रही फैक्ट्री पर छापा मारा।
इस छापेमारी में पुलिस ने विदेशी नागरिकों द्वारा चलाई जा रही एक और ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से दो विदेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब छापेमारी की तो यहां ड्रग्स फैक्ट्री चलती हुई मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने मौके से 200 करोड़ रुपये की 30 किलोग्राम ड्रग्स बरामद की है।
इस दौरान मौके से पुलिस ने ड्रग्स फैक्ट्री चला रहे दो अफ्रीकी मूल के नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है। बता दें कि ग्रेनों पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी करके 15 दिनों के अंदर करीब 500 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की है। 16 मई को ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने के बाद पुलिस इस नेटवर्क को तोड़ने में जुटी थी।
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पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। पुलिस की याचिका पर कोर्ट ने चार आरोपियों की पांच दिन की रिमांड की मंजूरी दी थी। चारों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही से एक कार बरामद की, जिसमें कुछ ड्रग्स समेत दो मोबाइल भी बरामद किए गए।
चारों आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि ड्रग्स बनाने के लिए उनको कच्चा माल चिडी इजीअग्वा सप्लाई करता था। पुलिस ने चिडी की रिमांड के लिए एनडीपीएस कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने पुलिस की याचिका पर एक दिन की रिमांड की मंजूरी दे दी थी।












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