'आप' ने दिये गठंबधन के संकेत कहा सभी विकल्प खुले

'आप' के रूख में नरमी से उम्मीद की जा सकती है कि दिल्ली में पार्टी की सरकार बन सकती है वहीं भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने पर भी विपक्ष में बैठेगी। यह ध्यान देने योग्य है कि 'आप' के बारे में देश की कई बड़ी हस्तियों ने कहा है कि पार्टी को भाजपा के साथ गठबंधन करना चाहिए और जो भी वादे जनता से किये हैं, उन्हें पूरा करना चाहिए, वहीं कुछ राजनीतिक शख्सियतों का कहना है कि आप ने ऐसे वादे किये हैं जो कि पूरे नहीं किये जा सकते हैं अत: अरविंद केजरीवाल अब सरकार बनाने से डर रहे हैं।
राज्यपाल ने कल भाजपा बहुमत दल के नेता हर्षवर्द्धन को बुलाकर उनसे बातचीत की लेकिन उन्होने कहा कि वह सरकार नहीं बनाएंगे और विपक्ष में बैठेंगे। केजरीवाल की पूर्व सहयोगी और टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी का भी कहना है कि 'आप' को व्यक्तिगत हित छोड़कर जनता के लिए सरकार बनानी चाहिए, जनता ने उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ वोट किया है।
70 सीटों वाली दिल्ली में विधान सभा चुनाव परिणाम आने पर भाजपा को 32, आप को 28 और कांग्रेस को आठ सीटें मिली थी। एक चैनल द्वारा करवाये गये सर्वे में सामने आया है कि दिल्ली की 66 फीसदी जनता चाहती है कि 'आप' को अल्पमत की सरकार बनानी चाहिए।












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