देश को बांटने वाली ताकतों से सावधान रहें: सोनिया गांधी

उन्होने शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'शिक्षा का अधिकार' बिल पास किया। देश में भ्रष्टाचार को रोंकने के लिए लोकपाल बिल पास किया। बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने और महिला हिंसा को रोंकने के लिए कानून लाये। आज देश में मिलने वाले अवसरों में गैरबराबरी मौजूद है जो कि महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को दर्शाता है। इस भेदभाव को मिटाने के लिए हमने शिक्षा को बढ़ावा दिया। दलित और आदिवासी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की शुरूआत की। स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सर्वशिक्षा अभियान और मिड डे मील जैसी योजनाओं की शुरूआत की।
सोनिया ने कहा कि मनरेगा के द्वारा ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव आया है। उन्होने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की हार-जीत लगी रहती है। कांग्रेस की नीतियों के कारण ही आज देश में एक बड़ा मध्यमवर्ग उभरा है और उसे हम से बदलाव की अपेक्षा है। उन्होने यह भी कहा कि आर्थिक और सामाजिक विकास के बावजूद आज देश में गरीब और अमीर की खाई बढ़ी है, जो कि चिंता का विषय है। सोनिया ने अपने भाषण में मनमोहन सिेह की भी प्रशंसा की और कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होने देश का नेतृत्व करते हुए योजनाओं को पूरा किया
सोनिया के भाषण के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल को पीएम उम्मीदवार घोषित करने की आवाज उठाई जिस पर राहुल को ही बीच में आना पड़ा, राहुल ने कहा कि मुझे जो भी कहना है, वह मैं अपने भाषण में आकर कह दूंगा। बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पीएम प्रत्याशी घोषित करने की मांग बढ़ती जा रही है।












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