लेखक संजय बारू ने की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नीतियों की आलोचना
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। पत्रकार और लेखर संजय बारू ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के वित्तीय और राजकोषीय प्रबंधन करने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।

आपको बताते चलें कि राजीव गांधी के वित्तीय और राजकोषीय प्रबंधन की पहले भी कई अर्थशास्त्री आलोचना कर चुके हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना था कि वर्ष 1991 में देश में आए आर्थिक संकट की दो मुख्य वजह थींं। पहली वो नीति जिसे राजीव गांधी ने विदेश से उधार लिया था और दूसरा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से समर्थन वापस लेना था।
राजीव ने चंद्रशेखर से किया वादा नहीं निभाया
संजय बारू के मुताबिक राजीव गांधी ने वादा किया था कि वो समर्थन वापस नहीं लेंगे। पर राजीव गांधी ने बजट पेश होने से ठीक एक सप्ताह पहले ही समर्थन वापस ले लिया था जिससे चंद्रेशखर सरकार गिर गई थी। ऐसे हालात में जब चंद्रशेखर बजट पेश करने नहीं आए तो देश की आर्थिक हालात और ज्यादा खराब हो गई।
वहीं पूर्व के दो प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी और नरसिम्हा राव की तारीफ करते हुए संजय बारू ने कहा कि नरसिम्हा राव ने काफी आर्थिक परिवर्तन किए। ऐसा इसलिए भी संभव हो पाया क्योंकि उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी का समर्थन प्राप्त था।
संजय बारू इससे पहले 'दी एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर: मेकिंग एंड अनमेकिंग ऑफ मनमोहन सिंह' नाम से किताब लिखकर चर्चा में आ चुके हैं। उन्होंने यह किताब ठीक लोकसभा चुनाव 2014 से पहले लिखकर यूपीए एक और यूपीए दो सरकारों के कामकाज की पोल खोली थी।












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