Pradeep Singh : पेट्रोल पम्प पर काम करने वाले का बेटा बना आईएएस, कोचिंग के लिए बेचना पड़ा था घर

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट 4 अगस्त 2020 को घोषित कर दिया है। प्रदीप सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जबकि जतिन किशोर ने दूसरा व प्रतिभा वर्मा तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रदीप सिंह के हमनाम एक और प्रदीप सिंह यूपीएससी पास करने वालों की सूची में हैं। उन्होंने खुद अपनी रैंक ट्वीट कर बताई है।

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    जानिए कौन है प्रदीप सिंह

    जानिए कौन है प्रदीप सिंह

    हम बात कर रहे हैं सिविल सेवा परीक्षा 2019 में टॉपर प्रदीप सिंह के अलावा 26वीं रैंक हासिल करने वाले दूसरे अभ्यर्थी प्रदीप सिंह, जो मूलरूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं। वर्तमान इनका परिवार मध्य प्रदेश के इंदौर में रहता है। प्रदीप जब पांच साल के थे तब उनका परिवार गोपालगंज से इंदौर आकर रहने लगा था।

    प्रदीप सिंह का परिवार

    प्रदीप सिंह का परिवार

    प्रदीप सिंह के परिवार की आर्थिक स्थिति नहीं है। पिता मनोज पेट्रोल पम्प पर काम किया करते थे। मां हाउस वाइफ है। ​जबकि प्रदीप के भाई निजी कम्पनी में काम करते हैं। प्रदीप बताते हैं कि उनके दादा ने अंतिम इच्छा जताई थी कि उसका पोता सिविल सर्विसेज में जाकर देशसेवा करें।

    महिला वर्ग प्रतिभा ने मारी बाजी

    महिला वर्ग प्रतिभा ने मारी बाजी

    सिविल सेवा परीक्षा 2019 में प्रदीप सिंह नाम के दूसरे अभ्यर्थी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं, महिला वर्ग में प्रतिभा वर्मा ने बाजी मारी है। इस बार कुल 829 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। चुने गए उम्मीदवारों में 304 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी, 78 उम्मीदवार ईडब्ल्यूएस, 251 उम्मीदवार ओबीसी, 129 एससी और 67 उम्मीदवार एसटी कैटेगरी के शामिल हैं।

    पिछले हासिल की 93वीं रैंक

    पिछले हासिल की 93वीं रैंक

    प्रदीप ने यूपीएससी परीक्षा 2018 में सफलता हासिल की थी। उस समय अपने पहले ही प्रयास में प्रदीप 93वां स्थान हासिल कर महज 22 की उम्र में आईएएस बने। फिलहाल भारजीय राजस्व सेवा (IRS) में बतौर असिस्टेंट कमिश्नर कार्यरत हैं। यूपीएससी 2019 की परीक्षा में प्रदीप ने फिर भाग्य आजमाया और ​इस बार 26वींं रैंक मिली।

    घर बेचकर भरी कोचिंग की फीस

    घर बेचकर भरी कोचिंग की फीस

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदीप ने इंदौर में स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सर्विसेस की तैयारियां शुरू कर दी थी। प्रदीप तैयारी के लिए दिल्ली आना चाहते थे, मगर परिवार की आर्थिक स्थिति राह में बाधा बनी। ऐसे में पिता ने घर बेचकर बेटे को कोचिंग करवाई। कहते हैं कि परीक्षा के दौरान उनकी मां की तबीयत भी बिगड़ गई थी। पर इसका प्रदीप की परीक्षा पर कोई असर न हो इसलिए उनके पिता ने इस बात की उन्हें भनक तक नहीं होने दी।

    आईएएस प्रदीप सिंह की शिक्षा

    आईएएस प्रदीप सिंह बचपन से ही होनहार थे। इन्होंने दसवीं और बाहरवीं कक्षा 81 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। इसके बाद आईआईपीएस डीएवीवी इंदौर से उन्होंने कॉमर्स विषय में स्नातक किया है। प्रदीप सिंह अपनी सफलता पर युवाओं को संदेश देते हैं कि किसी के दबाव में आकर ये परीक्षा पास नहीं की जा सकती। खुद को मन लगाकर मेहनत करनी होती है।

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