सावधान: दिल्ली के कलावती अस्पताल हर रोज होती है 3 बच्चों की मौत

इतना ही नहीं इस साल सिर्फ जनवरी माह में ही 75 बच्चों की मौत अस्पताल में हुई है। वर्ष 2013 के मार्च महीने में 78, अप्रैल में 87, मई में 115, जून में 77 और जुलाई में 85 नवजातों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आवेदन के जवाब में बताया गया कि अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में कुल 5 वेंटीलेटर हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ दो ही काम कर रहे हैं। दो वेंटीलेटर निष्क्रिय हैं और एक को मरम्मत के लिए भेजा गया है।
नीओनैटोलॉजी विभाग में वेंटीलेटरों की भारी कमी है। इस विभाग में कुल 6 वेंटीलेटर हैं जिनमें से दो काम नहीं कर रहे हैं। आवेदन के जवाब में कहा गया है कि इस विभाग के लिए 10 अतिरिक्त वेंटीलेटरों की जरूरत है। अस्पताल के अनुसार सर्वाधिक मौतें डायरिया, क्षय, टेटनस, वायरल एंसैफैलाइटिस, एनीमिया, कुपोषण, निमोनिया, सांस संबंधी रोगों और नीओनैटल सेप्टीसीमिया जैसी बीमारियों के चलते हुईं। बताया गया है कि अस्पताल में भर्ती कराए जाने वालों बच्चों में से अधिकतर एक्यूट ब्रांकाइटिस और ब्रांकाइटिस जैसे श्वसन रोगों से पीड़ित थे।












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