दिल्ली पुलिस डरी महिला ड्राइवरों पर चालान करने

नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) आपको याद होगा कि पिछले महीने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक जवान को डिसमिस कर दिया गया था। उस पर आरोप था कि उसने एक महिला स्कूटी चालक को ईंट फेंक कर मारी। हालांकि उस पुलिस जवान का आरोप उस महिला पर था। बहरहाल, उसकी नौकरी जाने के बाद लगता है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवान सहम गए हैं।

सोचते दस बार

वे महिला ड्राइवरों पर चालान करने से पहले दस बार सोचते हैं। लगता तो ये है कि वे उनपर चालान करने से बचते-डरते हैं।अगर ये बात न होती तो तो दिल्ली में बीते तीन हफ्ते के दौरान महिलाओं का ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का पालन न करने पर 40 फीसद कम चालान न किए होते।

झगड़ा हुआ

उक्त घटना पिछले महीने हुई थी। तब नई दिल्ली इलाके में एक स्कूटी चला रही महिला ने कथित रूप से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। उसे ट्रैफिक पुलिस के जवान सतीश चंद्र ने पकड़ा। दोनों के बीच गर्मागर्मी हुई। उसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को गालियां दी। आरोप है कि सतीश ने उस औरत पर ईंट फेंकी। उसे डिसमिस किया गया।

कम किए चालान

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सूत्रों का दावा है कि उस घटना के बाद से दिल्ली में महिला चालकों पर 40 फीसद कम चालान दर्ज किए गए। इसके पीछे वजह ये नहीं है कि सभी औरतें नियमों का पालन करने लगीं हैं वाहन चलाते वक्त। वजह ये है कि दिल्ली पुलिस के जवान उन पर चालान करने से पहले सोचते हैं।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि सतीश चंद्र एक बेहतर पुलिस अफसर था। उसे फंसा दिया गया मीडिया ट्रायल के कारण। जाहिर है, अब ट्रैफिक पुलिस वाले पहले अपनी नौकरी बचाएंगे।

बदली जिंदगी

जानकारों का कहना है कि डिसमिस होने के बाद सतीश चंद्र की जिंदगी बदल गई है। उसे अब अपना परिवार पालना कठिन हो रहा है। हालांकि सूत्र दावा करते हैं कि उस केस की पड़ताल हो रही है। उसमें वह बच जाएगा और वह दिल्ली पुलिस में बहाल हो जाएगा।

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