केजरीवाल की दिल्ली के मंत्रियों में सिर्फ एक दिल्ली वाला
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। हालांकि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है, पर अब सवाल पूछा जा रहा है कि इसमें दिल्ली से संबंध रखने वाले कितने मंत्री हैं... इसमें लगभग सारे मंत्रित्रों का संबंध हरियाणा या पूर्वांचल से है।

सिर्फ आसिम अहमद ही दिल्ली वाले हैं। वे तो पक्के दिल्ली वाले हैं। उनका परिवार दिल्ली से सैकड़ों सालों से जुड़ा है। ये बात बाकी के बारे में नहीं कही जा सकती। मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, सतेंद्र जैन,संदीप कुमार और जितेंद्र तोमर सबका संबंध हरियाणा या पूर्वांचल से है। मुख्यमंत्री खुद हरियाणा के हैं और मनीष सिसोदिया, गोपाल राय उत्तर प्रदेश से संबंध रखते हैं। केजरीवाल सरकार में पूर्वांचल और हरियाणा के लोगों की भरमार है।
भारती पर विवाद
इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि यह बात गलत है कि सोमनाथ भारती अपनी मर्जी से सरकार से बाहर रहे। इस बार की भारी-भरकम जीत के बाद ही यह तय हो गया था, जिन्हें लेकर कोई भी विवाद हुआ है, उन्हें सरकार में नहीं रखा जाएगा। सोमनाथ भारती को लेकर तो सबसे ज्यादा विवाद हुए थे।
पंजाबी नहीं
अगर केजरीवाल पुराना मंत्रिमंडल रखते और उसमें गोपाल राय को शामिल कर लेते तो लगभग पूरी सरकार पूर्वांचल और हरियाणा की हो जाती। दिल्ली वालों को इस बात से भी हैरानी है कि केजरीवाल ने किसी पंजाबी को कैबिनेट में नहीं लिया। बहरहाल, जानकारों का कहना है कि महिला और पंजाबी दोनों का प्रतिनिधित्व अलका लांबा से हो सकता है। लांबा को आने वाले दिनों में सरकार में जगह मिल सकती है।
जानकारों के अनुसार,दिल्ली में पंजाबी भाजपा के वोटर हैं। इस बार भी किरण बेदी की वजह से ज्यादा पंजाबी वोट भाजपा को गए। दिल्ली सरकार में किसी सिख या पंजाबी का ना होना हैरान जरूर करता है। इसे आप इस तरह से भी देख सकते हैं कि दिल्ली की आबादी का चरित्र बदल रहा है।












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