लोकपाल के लिए 10 दिसंबर से अन्ना करेंगे अनशन

अनशन की घोषणा के साथ-साथ अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक खत लिखकर भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक लाने में केंद्र सरकार की नाकामी पर नाराजगी जाहिर की थी। अन्ना ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में यह विधेयक लटका हुआ है। वहीं अन्ना के पत्र के जबाव में संसदीय मामलों के मंत्री वी नारायण सामी ने लोकपाल विधेयक लाने की दिशा में सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी अन्ना को दी है।
सरकारी खत में मिले जवाब पर नाखुशी जाहिर करते हुए अन्ना ने कहा कि पिछले दो सालों से सिर्फ कोशिशें हो रही है, कोई नतीजा अब तक नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी केंद्र ने आश्वस्त किया था कि विधेयक संसद के बजट सत्र में पेश किया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसे में अब एकबार फिर से उन्होंने अनशन का सहारा लेने का मन बना लिया है।












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