अनिल कुमार अमरोही की कलम सेः शिवसेना-भाजपा की अंदरूनी दरार का उभर आया घाव
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले जिस छोंके की खबर आ रही थी उसमें तड़का चुनाव तारीख की घोषणा से लग गया है। शिवसेना-भाजपा गठबंधन, जो पच्चीस साल पुराना है उसमें दरार तो थी लेकिन दिखाई नहीं दे रही थी। दरअसल, अब यह दरार एक घाव की तरह उभर आई है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखे एक संपादकीय में भाजपा को अप्रत्यक्ष रूप से लताड़ा है। कहा है कि अत्याधिक हवस तलाक का कारण बन जाती है। इससे राजनीतिक गलियारे मेें हलचल महसूस की जा रही है। हालांकि इस पर अपनी सफाई में शिवसेना का कोई बयान नहीं आया है।
क्टा टूट जाएगा गठबंधन
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि उद्धव ठाकरे अपने को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनते हुए का सपना बुन रहे हैं। गत महीने एक बार अपने एक बयान में उद्धव ने यह बात साफ तौर पर कही थी कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा। तमाम अखबारों में छप रहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर कहा जाए तो शिवसेना भाजपा पर यह दबाव बना रही है कि उसे ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने की आजादी हो। गौर करें कि भाजपा के कई नेता पहले ही लोकसभा जीत से गुदगुदा रहे हैं और महाराष्ट्र में विधानसभा सीट 288 हैं। इसमें से ज्यादा सीटों पर अगर कोई पार्टी लड़ी और मोदी हवा के चलते जीत गई तो ज्यादा सीट वाली पार्टी से ही मुख्यमंत्री बनवाने का दबाव बढ़ जाएगा।












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