महाराष्ट्रः नितेश राणे की विवादित टिप्पणी क्या साइबर क्राइम नहीं
मुंबई। क्या ट्वीट के बदले ट्वीट वो भी भड़काऊ। फिर किसी समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करना क्या साइबर अपराध नहीं है। अगर है तो कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बनकर आए नारायण राणे के बेटे नीतेश राणे की भड़काऊ भाषा जैसी टिप्पणियों पर कैसे रोक लग पाएगी। दरअसल, देश में जिस तेजी से सोशल मीडिया का उपयोग लगातार बढ़ रहा है उतनी तेजी से इससे जुड़े अपराध भी बढ़ रहे हैं।

नीतेश राणे ने ट्वीटर पर टिप्पणी की थी कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के जरिए वह महाराष्ट्र में मराठियों पर गंदी टिप्पणी करने वालों की सफाई करना चाहते हैं। जिसके के बाद नीतेश राणे सुर्खियों में आग गए थे।
कई बार ऐसा भी देखने में आया है कि सोशल मीडिया के जरिए कुछ असमाजिक तत्वों ने सांप्रदायिक दंगे भड़काने का भी प्रयास किया है। ऐसे सवाल यही उठते हैं कि आखिर ऐसे भड़काऊ टिप्पणियां जो समाजिक हानि पहुंचाती है। कार्रवाइयां तेज करनी पड़ेंगी।
गौरतलब है कि साइबर लॉ के मुताबिक कम्प्यूटर या इंटरनेट के जरिए धोखाधड़ी, ऐसी टिप्पणी जो किसी भी प्रकार से समाज या व्यक्ति को नुकसान पहुंचाती हैं वह एक अपराध माना जाता है।












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