NSE की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण के घर आयकर का छापा, एक अध्यात्मिक गुरु के साथ डेटा शेयर करने का लगा आरोप
आयकर विभाग ने गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण के ठिकानों पर छापेमारी की।
मुंबई, 17 फरवरी। आयकर विभाग ने गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण के ठिकानों पर छापेमारी की। मामले के जानकार एक व्यक्ति ने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारी फिलहाल मुंबई स्थिति उनके घर पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी का उद्देश्य उनके और अन्य के खिलाफ कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच करना है। बता दें कि रामकृष्ण अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 तक एनएसई की एमडी और सीईओ थीं।

आयकर विभाग की छापेमारी सेबी के उस बयान के बाद की गई जिसमें उसने कहा था कि जब रामकृष्ण स्टॉक एक्सचेंज के शीर्ष पद पर थीं तब उन्होंने आनंद सुब्रमण्यम को समूह के संचालन अधिकारी और प्रबंध निदेशक के सलाहकार के रूप में नियुक्त करने के लिए हिमालय पर रहने वाले एक योगी की सलाह ली थी। सेबी ने आगे कहा कि रामकृष्ण ने योगी के साथ एनएसई की वित्तीय और व्यावसायिक योजनाओं, लाभांश परिदृश्य और वित्तीय परिणामों सहित कुछ आंतरिक गोपनीय जानकारी साझा की थी और यहां तक की एक्सचेंज के कर्मचारियों के काम का मूल्यांकन करने के लिए भी उनसे सुझाव लिया था।
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सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने कहा कि एनएसई बोर्ड ने रामकृष्ण को उनके खिलाफ कोई कार्रवाई किए बिना ही उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। वहीं जांच के दौरान चित्रा रामकृष्ण ने कहा कि वह एक सिद्ध-पुरुष से मार्गदर्शन ले रही थीं, जो 20 वर्षों से उनके मार्गदर्शक थे। हालांकि, सेबी की जांच में जो जानकारी सामने आई है, वह इसकी पुष्टि नहीं करती है। बता दें कि सेबी ने इस नियुक्ति के मुद्दे पर एनएसई और उसके पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण और रवि नारायण को दंडित किया है और एनएसई पर छह महीने की अवधि के लिए कोई भी नया उत्पाद लॉन्च करने पर रोक लगा दी है। सेबी ने जारी आदेश में कहा, 'एनएसई की वित्तीय और कारोबारी योजनाएं साझा करना एक ऐसी गतिविधि है, जिससे स्टॉक एक्सचेंज की नींव हिल सकती है।'












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