जाकिर नाइक मामले में नया खुलासा, गृह मंत्रालय के 4 अधिकारी सस्पेंड
नई दिल्ली। एक तरफ मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की तैयारी केंद्र सरकार कर रही है दूसरी तरफ पता चला है कि हाल ही में उनके एनजीओ को होनेवाली विदेशी फंडिंग के लाइसेंस को गृह मंत्रालय से रिन्यू किया गया है। मामले के खुलासे के बाद गृह मंत्रालय ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

जाकिर नाइक के खिलाफ चल रही है जांच
युवाओं को आंतकी बनने के लिए प्रेरित करने के मामले में विवादास्पद इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक और उनके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ केंद्र सरकार जांच कर रही है। जाकिर नाइक के एनजीओ को होने वाली फंडिंग पर पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए थे।
इसके बावजूद नाइक के एनजीओ का फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगुलेशन एक्ट लाइसेंस को रिन्यू किया गया। गृह मंत्रालय ने मामले में चार अधिकारियों को सस्पेंड किया है।
मिली जानकारी के अनुसार निलंबित हुए अधिकारियों में एक ज्वाइंट सेक्रेटरी, दो अंडर सेक्रेटरी और एक सेक्शन अफसर शामिल हैं।
गृह मंत्रालय के अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए कहा, 'नाइक के एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रिन्यू करने के मामले में भूमिका निभाने के आरोप में तुरंत प्रभाव से चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।'
गृह राज्य मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए इस घटना के बारे बताया कि नाइक का केस अभी लंबित है और इस मामले में अधिकारियों ने लापरवाही दिखाई जिस वजह से उन्हें निलंबित किया गया है। एफसीआरए का रिन्यूअल लंबित मामलों में नहीं किया जाना चाहिए।
बांग्लादेश आतंकी हमले के बाद सुर्खियों में जाकिर
नाइक उस वक्त सुर्खियों में आए जब ढाका के रेस्टोरेंट में 20 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले बांग्लादेशी आतंकी ने जाकिर नाइक के उपदेशों को फॉलो करने की बात कही थी। उसके बाद से ही पहले महाराष्ट्र सरकार और उसके बाद केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ जांच शुरू किया। नाइक के खिलाफ केस दर्ज करने और उनके एनजीओ को बैन करने के लिए केंद्र सरकार पर्याप्त सुबूत जुटाने में लगी है।












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