क्या शिवसेना भी तोड़ देगी 25 वर्षों की भाजपा की दोस्ती
मुंबई। अक्टूबर में विधानसभा चुनावों का बिगुल बजने वाला है। इससे पहले ही खबर आ गई है कि नाराज चल रही हरियाणा जनहित कांग्रेस ने अपना गठबंधन भाजपा से तोड़ दिया है। इसके बाद यह संकेत मिलने लगे हैं कि क्या शिवसेना भी अपना हाथ खींच लेगी। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा भी उसी ओर बढ़ जाएगी जिस ओर कांग्रेस बढ़ी थी। कांग्रेस के गठबंधन में भी कई राड़ सामने आई थी। जिसके बाद से जन्मी गुटबाजी ने कांग्रेस का खात्मा करवाने में काफी हद तक भूमिका निभाई है।

अक्टूबर में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और शिवसेना कई बार ऐसे संकेत दे चुकी है कि वह भाजपा को लेकर खुश नहीं है। उद्धव ठाकरे ने भाजपा सरकार की ओर से रेल भाड़ा बढ़ाए जाने का भी कड़ा विरोध किया था। जिसके बाद शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। वहीं उद्धव अपने मुखपत्र सामने में भी भाजपा को लेकर और नरेंद्र मोदी पर लगातार तंज कस रहे हैं।
पच्चीस वर्षों से चला आ रहा है गठबंधन
आपको बता दें कि शिवसेना और भाजपा महाराष्ट्र में अन्य कोई गठबंधन का विकल्प नहीं होने के चलते दोनों एक दूसरे का साथ पिछले पच्चीस वर्षों से निभा रहे हैं। लेकिन अभी तक शिवसेना अपने ही गढ़ में उचित स्थान पाने में सफल नहीं हो पाई है। तो वहीं लोकसभा में ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा के कई नेता भी मोदी लहर को लेकर अभी तक अति आत्मविश्वास का शिकार होते जा रहे हैं। जिससे भाजपा भी पतन की ओर बढ़ रही है। शायद इसका ही संकेत है कि हजका ने साथ छोड़ दिया है।












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