मुंबई में मची भगदड़ में 18 मरे, 58 घायल

पुलिस व बीएमसी के आपदा नियंत्रण अधिकारियों के मुताबिक भगदड़ शुक्रवार रात लगभग 1.30 बजे उस वक्त मची, जब इस समुदाय के हजारों लोग सैफई महल में इक्कट्ठा हुए थे, जहां सैयदना का पार्थिव शरीर रखा गया था।
वह बोहरा समुदाय के 52वें धर्मगुरू और अरबी के विद्वान थे।
उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होने समुदाय के लोगों में शिक्षा और व्यापार में बेहतर बनाने के प्रयास किये।












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