मेरठ: आर्मी इंटेलिजेंस ने देहरादून से पूर्व सैनिक सहित 5 लोगों को किया ग‍िरफ्तार

मेरठ। आर्मी इंटेलीजेंट्स ने देहरादून से सेना से जुड़े फर्जी कागजातों को बनाने वाले गिरोह को पकड़ा है। यह लोग नागरिकों के लिए सेना के फर्जी पेंशनरभोगी कागजात बनाते थे। इसके एवज में वह 50 से 60 हजार रुपए लेते थे। इस गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार कर मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एसटीएफ के हवाले कर दिया है। इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी पूर्व सैनिकों के कागजात और आर्मी रबर स्टैंप मिले हैं। पकड़े गए लोगों में विक्की थापा, पूर्व सैनिक रघुवीर सिंह और उसका बेटा संजय क्षेत्री, दीपक और प्रिंटिंग प्रेस संचालक भैरव दत्त है।

meerut army intelligence arrested five people from dehradun

सूत्रों के मुताबिक, फर्जी कागजातों को सिविलियन को गल्फ देशों में नौकरी दिलाने के लिए तैयार किया जा रहा था। इन्‍हें अफगानिस्तान सहित आसपास के देशों में नौकरी के लिए भेजा जाता था। मेरठ छावनी और देहरादून के आसपास के क्षेत्रों में हजारों की संख्या में पूर्व सैनिक रहते हैं। बताया जा रहा है कि यहां से बहुत से लोग दूसरे देशों में नौकरी के लिए आते जाते भी हैं। उसी का लाभ उठाकर सिविलियन लोगों के लिए भी मोटी रकम लेकर पूर्व सैनिक के कागजात बनाकर उन्हें विदेशों में नौकरी के लिए भेजा जाता था।

बता दें, फर्जी कागजात बनाने वाले इस गिरोह में एक पूर्व सैनिक भी शामिल है। देहरादून के राजपुर में जोहड़ी गांव में रहने वाला 65 वर्षीय रघुवीर सिंह 2006 में सेना के सप्लाई डिपो देहरादून से रिटायर हुआ था। 42 साल की उम्र तक नौकरी के बाद रघुवीर सिंह ने सेना के नाम पर ही फर्जीवाड़े का धंधा शुरू कर दिया। रघुवीर 2008 से 2013 तक जोहड़ी गांव का उपप्रधान भी रहा और पिछले 2 साल से वह बेटे संजय छेत्री के साथ फर्जीवाड़े के धंधे को आगे बढ़ा रहा था। संजय छेत्री भी पूर्व सैनिक है और सेना में लंबे समय तक कार्यरत रहा है। वह भी पिता के साथ इस गोरखधंधे में शामिल हो गया।

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