मेरठ: 'चले जाओ पाकिस्तान...' वाले बयान पर बढ़ी SP की मुश्किलें, कोर्ट में 28 को होगी सुनवाई

मेरठ। मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह की मुश्किलें अब बढ़ने वाली है। दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 20 दिसंबर को मेरठ में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान एसपी सिटी ने विवादित टिप्पणी की थी। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट में 28 जनवरी को सुनवाई की तारीख तय की गई है। बता दें कि एसपी सिटी के कथित 'चले जाओ पाकिस्तान...' वाले बयान पर कई राजनीतिक दलों ने आलोचन की थी और कार्रवाई की मांग भी की थी।

उपद्रवियों को पीछा करते हुए पहुंचे

उपद्रवियों को पीछा करते हुए पहुंचे

दरअसल, 20 दिसंबर को मेरठ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सीएए को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। जुमे की नमाज के बाद लिसाड़ी गेट पर उपद्रवियों ने पुलिस पर जबरदस्त पत्थरबाजी और फायरिंग भी की थी। इसी जगह मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण और एडीएम कुछ लड़कों का पीछा करते हुए पहुंचे थे। इस दौरान वह नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को धमकाते नज़र आ रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों को धमकाया

प्रदर्शनकारियों को धमकाया

मेरठ के सिटी एसपी अखिलेश नारायण सिंह को कहते हुए सुना जा सकता है कि ''जो काली पट्टी और पीली पट्टी बांध रहे हो बता रहा हूं... उनसे कह दो पाकिस्तान चले जाएं। फ़्यूचर काला होने में लगेगा सेकेंड भर, एक सेकेंड में सब काला हो जाएगा। देश में नहीं रहने का मन है, चले जाओ भैया। वीडियो में वो ये कहते हुए सुने जा सकते हैं कि खाओगे कहीं का और गाओगे कहीं का, आपके फोटो ले लिए गए हैं, लोगों की पहचान हो गई है, गली में कुछ हो गया तो तुम लोग क़ीमत चुकाओगे।

अब दर्ज हुआ मुकदमा

अब दर्ज हुआ मुकदमा

बता दें कि यह वीडियो काफी सुर्खियों में रहा था। अब मेरठ के जैदी फार्म यूसुफ सैफी ने स्पेशल सीजेएम की अदालत में एक परिवाद मंगलवार को दायर किया है। अदालत में यूनुस सैफी की तरफ से अधिवक्ता अजय चाड़ ने परिवाद के लिए प्रार्थना पत्र में धारा 166, 298, 504, 506 आईपीसी के तहत दिया है, जिसमें कहा गया गया कि 20 दिसंबर 2019 को लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोग हाथों में काली पट्टी बांधकर सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध कर रहे थे। तब एसपी सिटी पुलिस वालों के साथ पहुंचे और आपत्तिनजक टिप्पणी की। अधिवक्ता अजय चाड़ ने बताया कि प्रार्थनापत्र को परिवाद के रूप में अदालत ने दर्ज कर लिया और शिकायतकर्ता को धारा 200 सीआरपीसी के बयान दर्ज कराने के लिए 28 जनवरी की तिथि तय की।

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