CAA: हिंसा में पुलिस पर फायरिंग करने वाला 'खलीफा' गिरफ्तार, लेने आया था 33 साल पुराना बदला
मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा में फायरिग करने वाले 20 हजार के इनामी अनीस खलीफा को पुलिस ने हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। अनीस खलीफा ने बताया कि 1987 के दंगे में उसने अपने भाई को खोया था। उसकी मौत का बदला चुकाने के लिए हथियार उठाकर पुलिस अफसरों को निशाना बनाया।

20 दिसंबर को हुई थी मेरठ में हिंसा
बता दें, उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 20 दिसंबर को एक साथ शहर में चार थाना क्षेत्रों के आठ स्थानों पर हिसा हुई थी। पुलिस ने 24 मुकदमों में 180 नामजद और पांच हजार अज्ञात शामिल किए थे। 178 बवालियों को फोटो और वीडियो से चिन्हित किया। फरारी के बाद 28 पर पांच-पांच हजार रुपए इनाम घोषित किया।

पुलिस पर की थी फायरिंग
चेहरा छिपाकर फायरिंग करने वाले अनीस खलीफा और अनस की पहचान कर 20-20 हजार का इनाम घोषित किया था। अनस को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। मंगलवार को अनीस उर्फ खलीफा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

भाई की हत्या का बदला लेने आया था अनीस
पूछताछ में अनीस ने बताया कि 1987 के दंगे में पुलिस ने उसके भाई रईस की हत्या कर दी थी, जिसका बदला लेने के लिए वह पीएफआई से जुड़ा था। हिंसा होते ही उसने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं। पुलिस ने आरोपी से पिस्टल और तमंचा बरामद किया है।












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