UP News: तिलक और कलावा बांधने पर छात्रों से दुर्व्यवहार, शिक्षक सस्पेंड, 15 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
UP News: मऊ जिले के घोसी क्षेत्र स्थित एक कंपोजिट विद्यालय में धार्मिक प्रतीकों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक शिक्षक ने तिलक और कलावा बांधकर आए छात्रों से बदसलूकी की और उनकी पिटाई कर दी। मामला सामने आते ही जिलेभर में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों ने स्कूल में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला बढ़ता देख शिक्षा विभाग हरकत में आया और शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

घटना लाखीपुर कंपोजिट विद्यालय की बताई जा रही है। विद्यालय के सहायक अध्यापक परमानंद कुमार पर यह आरोप है कि वे धार्मिक चिन्हों को लेकर छात्रों से आपत्तिजनक भाषा में बात करते हैं और कई बार छात्रों की पिटाई भी करते हैं।
बीएसए ने की त्वरित कार्रवाई, जांच अधिकारी नियुक्त
मामले की जानकारी होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने गुरुवार को शिक्षक परमानंद कुमार को निलंबित करते हुए उन्हें सरहरा जमीन कंपोजिट विद्यालय से संबद्ध कर दिया। बीएसए ने कहा कि शिक्षक का व्यवहार सेवा नियमों के विरुद्ध पाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में शिक्षक की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई है। मामले की गहन जांच के लिए दो खंड शिक्षा अधिकारियों को नामित किया गया है। रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर मांगी गई है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
बजरंग दल ने थाना और बीएसए कार्यालय में दी शिकायत
इस मामले में बजरंग दल के जिला संयोजक प्रांशु सिंह तेजस ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए घोसी थाने और बीएसए कार्यालय में लिखित शिकायत दी। उनका आरोप है कि शिक्षक छात्रों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।
तेजस ने बताया कि जिन बच्चों ने कलावा बांधा था या तिलक लगाया था उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। बजरंग दल ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया तो वे धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले बरेली के एक इंटर कॉलेज में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। वहां शिक्षक रजनीश गंगवार पर आरोप लगा कि उन्होंने छात्रों को कांवड़ यात्रा न करने की सलाह देते हुए एक कविता सुनाई जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
कविता को लेकर विवाद बढ़ा तो धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया गया और पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। हालांकि बाद में शिक्षक ने अपनी बात रखते हुए वीडियो बनाकर अपनी कविता पर सफाई भी दी।












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