UP news : फार्मेसी चलाने वाला बना Mathura का 'सुपरहीरो', ट्रेन में अमरीकी यात्री को पहुंचाई दवा
एक मन को खुश कर देने वाला मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के मथुरा से जहां ट्रेन में सफर कर रहे एक मरीज यात्री के लिए मथुरा का दुकानदार मसीहा बन गया। अब ये व्यक्ति 'मथुरा का हीरो' कहा जाता है।

सोशल मीडिया पर कब क्या देखने को मिल जाए यह तो कोई भी नहीं बता सकता। पर कभी-कभी कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आती हैं जिसे देखकर मन को एक सुकून की अनुभूति जरूर होती है। ऐसा ही एक मन को खुश कर देने वाला मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के मथुरा से जहां ट्रेन में सफर कर रहे एक मरीज यात्री के लिए मथुरा का दुकानदार मसीहा बन गया। मात्र आधा घंटे में अपनी दूकान से दवाई लेकर मथुरा जंक्शन पहुंचे इस सुपर हीरो ने जिसकी मदद की वह भी कोई आम इंसान नहीं था, बल्कि मशहूर मेदांता लिवर ट्रांसप्लांट इंस्टिट्यूट के चेयरमैन डॉ. अरविंदर सिंह सोइन थे जो ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे।

अमेरिका से आए यात्री की ट्रेन में हुई तबियत ख़राब
दरअसल, यह घटना नवंबर के आखिरी सप्ताह में हुई थी। पद्मश्री विजेता अरविंदर सिंह सोइन अमेरिका से आए अपने मित्र के साथ सवाई माधोपुर जा रहे थे ताकि रणथंभौर नेशनल पार्क घूम सकें। रास्ते में उनके दोस्त के 25 वर्षीय बेटे की तबीयत अचानक खराब हो गई। चूंकि उनकी ट्रेन का दिल्ली के सफर में सिवा मथुरा के दूसरा कोई स्टॉप नहीं था इसलिए गूगल से सर्च कर के उन्होंने मथुरा की इस दवा की दुकान से दवाओं का ऑर्डर दिया। बता दें कि उनकी ट्रेन मथुरा स्टेशन पर केवल 2 मिनट के लिए रुकने वाली थी और स्टेशन पहुंचने में भी केवल आधा घंटा बचा था। ऐसे में उन्हें लग रहा था कि दवा का टाइम से पहुंच पाना लगभग नामुमकिन ही है।

मथुरा का हीरो है प्रेमवीर सिंह - डॉ अरविंदर सिंह सोइन
वहीं मथुरा के प्रेमवीर सिंह अपनी दवा की दुकान पर पहुंचे ही थे कि उनकी दुकान पर काम करने वाले स्टाफ ने बताया कि नई दिल्ली जा रही ट्रेन में एक शख्स को दवा की सख्त जरूरत है। प्रेमवीर सिंह की दुकान से दवाओं की डिलिवरी करने वाला लड़का उस दिन छुट्टी पर था इसलिए वह धर्म संकट में पड़ गए। उन्होंने ट्रेन से ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले व्यक्ति को फोन किया तो पता चला कि महज आधे घंटे के अंदर ट्रेन मथुरा स्टेशन पर पहुंच जाएगी और जिसे दवा चाहिए उसकी हालत खराब हो रही है।
प्रेमवीर सिंह की ट्रेन में जिस व्यक्ति से बात हो रही थी वह थे मेदांता लिवर ट्रांसप्लांट इंस्टिट्यूट के चेयरमैन डॉ. अरविंदर सिंह सोइन। बहरहाल, प्रेमवीर सिंह दवाएं लेकर अपनी दुकान से स्टेशन की ओर रवाना हुए। ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर आना था। जैसे ही ट्रेन रुकी अरविंदर सिंह ने देखा कि प्रेमवीर दवाएं लिए उनकी तरफ दौडे़ चले आ रहे हैं।

भारत जैसी कोई जगह नहीं, प्रेमवीर ने किया साबित
अरविंदर को भरोसा नहीं था कि प्रेमवीर समय पर पहुंच जाएंगे और उन्हें दवाएं दे पाएंगे क्योंकि ट्रेन मथुरा में केवल दो मिनट के लिए रुकती थी। प्रेमवीर ने उन्हें दवाओं की डिलिवरी दी तो अरविंदर प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके और इतनी मेहनत के बदले में उसे कुछ और पैसे देने की पेशकश की। लेकिन प्रेमवीर ने विनम्रता से मना कर दिया। बाद में अरविंदर ने अपने ट्विटर हैंडल से इस घटना का जिक्र करते हुए प्रेमवीर को 'मथुरा का हीरो' बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रेमवीर ने दौड़ते हुए ट्रेन में हम तक दवाएं पहुंचाईं हम एक ही बात कह सकते हैं, 'भारत जैसी कोई जगह नहीं है, भारतीय होने का अहसास एकदम अलग है।' वहीं प्रेमवीर सिंह का कहना कि यह मेरी खुशनसीबी है कि मैं समय पर पहुंच सका और एक पैसेंजर की मदद कर पाया।












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