VIDEO: 16 चुनाव हारने वाले फक्कड़ बाबा बोले, राहुल के मंदिर जाने से आपको तकलीफ क्यों?
मथुरा। फक्कड़ बाबा मथुरा की राजनीति की अनोखी शख्सियत हैं। 1977 के बाद से उन्होंने सभी लोकसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा चुनाव लड़ें हैं। वो 76 साल के है और इन चुनावों में 17वीं बार नामांकन दाखिल किया है। दिलचस्प बात ये है कि वो खुद उम्मीदवार हैं लेकिन मथुरा के सभी उम्मीदवार उनसे जीत का आशीर्वाद मांगने आते हैं।

वो लगातार चुनाव क्यों लड़ रहे हैं? इस सवाल के जवाब में उनका कहना है कि वो अपने गुरु के कहने पर चुनाव लड़ रहे हैं और गुरु ने ही उन्हें बताया है कि वो 20वीं बार जीत जाएंगे। ये उनका गौ-व्रत है और उनके गुरु का आदेश है कि हर चुनाव में गाय के नाम पर वो एक पर्चा भर दिया करें।
फक्कड़ बाबा से मेरी मुलाकात मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के करीब गरतेश्वर महादेव मंदिर में हुई। मंदिर के ही एक कमरे में उनका आवास है। सन्यासी हैं और संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं उनके पास। चुनाव आयोग को दिए हलफनामें में के मुताबिक उनके बैंक खाते में 16 हजार रुपए हैं। उनका कहना के जमानत राशि के लिए जो पैसे उन्होंने जुटाए थे, ये उसी के बचे पैसे हैं। फक्कड़ बाबा रामायणी हैं, जिन घरों में रामायण कहते हैं, उन्हीं घरों से जमानत की राशि जुटाते हैं। हालांकि उनकी जमानत राशि आज तक नहीं बच पाई।
चूंकि वो 1977 से लगातार चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए देश और प्रदेश की राजनीति की गहरी समझ भी रखते हैं। इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी, दोनों नेताओं पर उनका नजरिया है। उनका मानना है कि आरएसएस ने हिन्दू-मुसलमानों को आपस में लड़ाया है। वो लगातार चुनाव लड़ रहे हैं, मगर प्रचार नहीं करते। इस बार नामांकन करने के बाद से किसी से मिलने भी नहीं गए, फिर भी उन्हें भरोसा है कि जो उनका वोटर है, वो उन्हें ही वोट देगा।
(अवनीश पाठक पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हैं। इन दिनों वो उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनावी दौरे पर हैं।)
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