अब मथुरा के शाही ईदगाह मस्जिद में ज्ञानवापी की तरह सर्वे की मांग, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
हाल ही में कोर्ट के आदेश पर वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे करवा गया। उसी तरह से अब मथुरा में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग की जाने लगी है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई।
जानकारी के मुताबिक याचिका श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट द्वारा दायर की गई है। जिसमें कहा गया कि कथित शाही ईदगाह मस्जिद पर हिंदू समुदाय का अधिकार है। उसका निर्माण हिंदू मंदिरों को तोड़कर किया गया था और ऐसा निर्माण मस्जिद नहीं हो सकता। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाया जाए।

याचिकाकर्ता के मुताबिक सर्वे के बाद जो डेटा मिलेगा, उससे ही उनके बयान की सटीकता प्रमाणित हो सकेगी। इसके अलावा विवादित भूमि के धार्मिक इतिहास को भी समझने में मदद मिलेगी।
सिविल कोर्ट में भी चल रहा मुकदमा
वहीं इस साल जनवरी में ट्रस्ट ने मथुरा सिविल जज के सामने एक मुकदमा दायर किया था। साथ ही मांग की थी कि कृष्ण जन्मभूमि को उस स्थान पर ट्रांसफर किया जाए, जहां वर्तमान में शाही मस्जिद ईदगाह मौजूद है। हालांकि शाही मस्जिद ईदगाह की प्रबंधन समिति और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस मुकदमे को लेकर आपत्तियां दर्ज करवाई थीं। उनका दावा है कि ये मुकदमा पूजा स्थल अधिनियम, 1991 का उल्लंघन है।
इमारत को नुकसान पहुंचा रहा मुस्लिम पक्ष?
वहीं ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडे ने आरोप लगाया कि शाही मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति इमारत को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने मंदिर के स्तंभो और प्रतीकों को भी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने ये भी कहा कि भूमि को आधिकारिक तौर पर ईदगाह नाम के तहत पंजीकृत नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इसका टैक्स 'कटरा केशव देव, मथुरा' के उपनाम से इकट्ठा किया जा रहा है।
ज्ञानवापी में क्या-क्या हुआ?
वाराणसी की अदालत ने हिंदू पक्ष की मांग पर ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे का आदेश दिया था। जिस पर मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट गया, वहां पर उनको राहत नहीं मिली। फिर वो सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने भी सर्वे जारी रखने को कहा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने परिसर में खुदाई नहीं करने और वजूखाने में सर्वे नहीं करने की बात कही थी।












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