Kanha National Park में इंसानों के 5 सितारा होटलों की तरह हाथियों की खातिरदारी, नहीं सुना होगा VIP ट्रीटमेंट
Elephant: जंगल का सबसे मजबूत भूमि जानवर माने जाने वाले 'हाथी यानि गजराज' का नाम सुनते ही एक अलग तरह ही अनुभूति होती हैं। ऐसी प्रवृत्ति कि करीब 9 हजार किलो तक कोई भार ढोने की क्षमता रखता है, जो 130 व्यस्क इंसानों के बराबर हैं। इन हाथियों के बारे में सुनकर आपको आश्चर्य होगा कि इंसानों की तरह हर तरह की खातिरदारी का अनूठा आयोजन भी होता हैं।
जिसे रिजुविनेशन कैंप नाम दिया गया हैं। देश के प्रसिद्द नेशनल पार्क और रिजर्व में सप्ताह भर चयनित हाथियों को फुल फैसिलिटी दी जाती हैं। कुछ ऐसा ही मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में हो रहा हैं। 23 सितंबर तक आयोजित कैंप के लिए 16 हाथी चुने गए। जिनके लिए इंसानों की भाषा में एक तरह से पिकनिक जैसा माहौल निर्मित हैं।

आयुर्वेदिक तेल से होती है मालिश
अकेले सूंड में करीब एक लाख मांसपेशियों का दम रखने वाले हाथियों के इस दल को वीआईपी इंतजाम हैं। इनको बच्चों की नहाने धुलाने से लेकर सजाने-संवारने तक के लिए कर्मचारी लगे हैं। देखभाल ऐसी हो रही हैं, जैसे कोई माता-पिता अपने बच्चों के साथ पेश आते हैं। नहलाने में ऐसा नहीं कि बॉडी पर सिर्फ पानी डाल दिया। बल्कि उससे पहले सुबह-सुबह मालिश की जाती हैं। वो भी आयुर्वेदिक और इनकी स्किन के मुताबिक ख़ास तेल से।
खुराक ऐसी जैसे किसी होटल में दावत हो
नहलाने के दौरान शेम्पू भी होता हैं। रगड़-रगड़ कर शरीर का मैल छुटाया जाता हैं। उसके बाद फिर चमड़ी के मुताबिक स्पेशल क्रीम का लगाईं जाती हैं। दांत-नाख़ून की भी सफाई होती हैं। जरुरत से ज्यादा बढ़े हुए नाखून काटे जाते हैं। लगभग 16 हाथियों की इस खातिरदारी के लिए एक सैकड़ा से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इतना ही नहीं सुबह से लेकर रात तक इनकी विशेष डाईट का भी इंतजाम हैं। विटामिन, मिनरल से भरपूर फल और जरुरी खाद्य सामग्री सेवन के लिए दी जा रही हैं। फलों के अलावा सोयाबीन चना मिश्रित रोटियां और हेल्थ के अनुकूल जूस भी दिया जा रहा हैं। कैंप में एक-एक हाथी को करीब 10 किलो फल और 10 किलो रोटी खिलाई जाती हैं। दोपहर का खाना खिलाने के बाद हाथियों को दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाता हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन हाथियों का हेल्थ चेकअप भी किया जा रहा हैं। बीते 13 सालों से रिजुविनेशन कैंप के जरिए पार्क प्रबंधन का प्रयास है कि हाथी एक साल तक दुरुस्त रहे हैं। साथ ही यदि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी है तो उन स्थितियों को वक्त पर भांपा जा सकें। इससे बड़ा परिवर्तन हाथियों की आयु में वृद्धि देखने मिली। इस कैंप में एक हाथी 78 वर्षीय भी हैं।












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