क्या महाराष्ट्र में होंगे मध्यावधि चुनाव? एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दिया जवाब
महाराष्ट की पूर्व महाविकास अघाड़ी सरकार में शामिल तीसरी राजनीतिक पार्टी एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने क्या महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव होंगे इसके बारे में खुलकर बात की है।

महाराष्ट्र में महीनों पहले महाविकास अघाड़ी गिर चुकी है और एकनाथ शिंदे सत्ता हासिल कर सरकार चला रहे हैं। उद्धव ठाकरे के हाथ से सरकार तो गई ही साथ ही उनकी पैतृक शिवसेना पार्टी और उनका चुनाव निशान धनुष तीन उनसे छिन चुका है लेकिन अभी उन्होंने महाविकासा अघाड़ी सरकार को बचाने की उम्मीद अभी तक नहीं छोड़े हैं। एनवीए जिममें उद्धव ठाकरे की शिवसेना , काग्रेंस और एनसीपी के नेता शामिल हैं। उद्वप ठाकरे और कांग्रेस नेता महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव के बारे में दावे करते आ रहे हैं । वहीं अब एनवीए में शामिल तीसरी राजनीतिक पार्टी एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने क्या महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव होंगे इसके बारे में खुलकर बात की है। आइए जानते हैं राजनीति के अनुभवी और धुरंधर नेता शरद पवार का इस बारे में क्या कहना है ?
महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव को लेकर क्या बोले शरद पवार
उद्धव ठाकरे का हमेशा पक्ष लेने वाले शरद पवार की महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव को लेकर ठाकरे और उनके बीच मतभेद है। मध्यावधि चुनाव को लेकर दोनों के विचार बिलकुल मेल नहीं खा रहे हैं। दिग्गज अनुभवी नेता शरद पवार ने शुक्रवार को राज्य में मध्यावधि चुनाव की संभावना से साफ इनकार किया। पवार ने कहा कि उन्हें मध्यावधि चुनाव का कोई कारण नजर नहीं आता। मैं नहीं जानता कि उद्धव ठाकरे ने यह बात किस आधार पर कही है, लेकिन हमें देखना होगा कि ठाकरे ने किन परिस्थितियों में बयान दिया है।
जानें उद्धव ठाकरे ने मध्याविध को लेकर क्या किया है दावा
बता दें कुछ दिन पहले उद्धव ठाकरे ने उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा था। ठाकरे ने दावा किया था कि महाराष्ट्र राज्य में जल्द मध्यावधि होंगे। वहीं उद्धव ने ये ही बात कसबा और पिंपरी उपचुनाव के दौरान दोहराई । राज्य में अस्थिर राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए ठाकरे ने पिंपरी और कस्बा के मतदाताओं को एक वीडियो संदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के लिए कहा।
मध्यावधि चुनाव से इनकार नहीं किया जा सकता
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने गुट के कार्यकर्ताओं से कहा कि वर्तमान समय में सुप्रीम कोर्ट में एकनाथ शिंदे गुट के साथ हमारी कानूनी लड़ाई चल रही है। विधायकों की अपात्रता का मुद्दा अदालत में लंबित है। हमें सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमे का इंतजार करना होगा। इसके अलावा यह भी दलील है कि पार्टी छोड़ने वाले विधायकों के एक वर्ग को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। यदि याचिका स्वीकार कर ली जाती है, तो मध्यावधि चुनाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
हालांकि शरद पवार जो राजनीति के चाणक्य कहे जाते हैं वो जो कहते है उसका उल्टा ही समझना चाहिए। उनके मन में क्या चल रहा है इसका अंदाजा कोई भी नहीं लगा सकता है।
फडणवीस ने पवार पर लगाया है ये आरोप
आपको याद हो तो अभी हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शरद पवार पर गंभीर आरोप लगाया था। जिसमें फणडवीस ने दावा किया था कि शरद पवार की जानकारी में 2019 में उन्होंने अजित पवार के साथ सरकार का गठन किया था। शरद पवार के साथ बैठक करने के बाद यह कदम उठाया गया था। शरद पवार को पता था कि अजीत उनके साथ शपथ ले रहे हैं। बाद में शरद पवार क्यों बदल गए यह नहीं पता।
फडणवीस के बयान पर पवार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की
वहीं शरद पवार ने मीडिया से बातचीत के दौरान 23 नवंबर, 2019 को देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के शपथ ग्रहण पर अपने बयान को आकस्मिक बताया। फडणवीस द्वारा दावा किए जाने के एक हफ्ते बाद कि "शरद पवार को पता था कि अजीत उनके साथ शपथ ले रहे हैं' 'शरद पवान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाने की कोई गुंजाइश नहीं थी और ठाकरे कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बनते।












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